नई दिल्ली: मूवी देखते समय या हल्की भूख लगने पर पॉपकॉर्न सबसे पसंदीदा स्नैक्स में से एक माना जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि छोटा, सख्त और सूखा दिखने वाला मक्का का दाना गर्म होते ही अचानक फूटकर सफेद, हल्का और मुलायम कैसे बन जाता है? इसके पीछे कोई जादू नहीं, बल्कि विज्ञान का एक रोचक सिद्धांत काम करता है।
हर दाने के अंदर छिपी होती है थोड़ी-सी नमी
पॉपकॉर्न का दाना बाहर से भले ही पूरी तरह सूखा दिखाई देता हो, लेकिन उसके अंदर थोड़ी मात्रा में पानी मौजूद रहता है। यही नमी पॉपकॉर्न बनने की सबसे अहम वजह होती है। इसके साथ ही दाने का बाहरी कठोर छिलका काफी मजबूत होता है, जो अंदर बनने वाले दबाव को कुछ समय तक रोककर रखता है।
गर्म होते ही पानी भाप में बदलने लगता है
जब पॉपकॉर्न के दानों को तेज तापमान पर गर्म किया जाता है, तो उनके अंदर मौजूद पानी धीरे-धीरे भाप में बदल जाता है। मजबूत बाहरी खोल के कारण यह भाप बाहर नहीं निकल पाती और दाने के भीतर दबाव लगातार बढ़ने लगता है।
दबाव बढ़ते ही फूट जाता है दाना
एक समय ऐसा आता है जब अंदर का दबाव दाने के कठोर छिलके की क्षमता से अधिक हो जाता है। इसके बाद दाना अचानक फट जाता है और ‘पॉप’ की आवाज सुनाई देती है। यही वजह है कि पॉपकॉर्न गर्म होते ही तेजी से फूटने लगता है।
सफेद और मुलायम पॉपकॉर्न कैसे बनता है?
दाना फूटने के साथ ही उसके अंदर मौजूद स्टार्च और भाप तेजी से बाहर निकलते हैं। दबाव खत्म होते ही स्टार्च फैलकर झाग जैसी संरचना बना लेता है और कुछ ही सेकंड में ठंडा होकर सफेद, हल्का और स्पंजी रूप धारण कर लेता है। यही हिस्सा पॉपकॉर्न के रूप में हमारे सामने आता है।
कुछ दाने आखिर क्यों नहीं फूटते?
पॉपकॉर्न बनाते समय कुछ दाने बिना फूटे रह जाते हैं। इन्हें ‘ओल्ड मेड्स’ कहा जाता है। ऐसा तब होता है जब दाने के अंदर पर्याप्त नमी नहीं होती या उसके बाहरी छिलके में हल्की दरार होती है। ऐसे दानों में जरूरी दबाव नहीं बन पाता और वे फूट नहीं पाते।
क्या हर मक्का का दाना पॉपकॉर्न बन सकता है?
नहीं। पॉपकॉर्न एक विशेष किस्म का मक्का होता है। इसके दानों में नमी की सही मात्रा और बेहद मजबूत बाहरी छिलका होता है। सामान्य मक्का या स्वीट कॉर्न में ये विशेषताएं नहीं होतीं, इसलिए वे गर्म करने पर पॉपकॉर्न की तरह नहीं फूटते।
कितने तापमान पर फूटता है पॉपकॉर्न?
विशेषज्ञों के अनुसार पॉपकॉर्न का दाना लगभग 180 से 190 डिग्री सेल्सियस तापमान पर फूटता है। इसी तापमान पर अंदर की भाप का दबाव इतना बढ़ जाता है कि दाना फटकर कुछ ही सेकंड में फूला हुआ पॉपकॉर्न बन जाता है।