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संसद में चीन मुद्दे पर राहुल के बयान पर क्यों बौखला गई मोदी सरकार…सफाई में खड़े हो गए तीन-तीन मंत्री

नई दिल्ली: लोकसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन जोरदार हंगामा देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के एक बयान पर सदन में इतना हंगामा हुआ कि सत्र को स्थगित करना पड़ा।

राहुल गांधी जब लोकसभा में बोल रहे थे, उन्होंने एक बिना छपी पुस्तक का जिक्र किया, जिसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए।

दरअसल, राहुल ने जैसे ही पूर्व सेना अध्यक्ष नरवणे की किताब से उनके बयान को पढ़ा, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू उन्हें रोकने के लिए खड़े हो गए। राहुल गांधी ने कहा कि तेजस्वी सूर्या ने कांग्रेस पार्टी के खिलाफ आरोप लगाए और उनकी देशभक्ति पर सवाल उठाए।

मामला तब और गर्म हो गया जब राहुल ने पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की आत्मकथा से उद्धरण देना शुरू किया। उन्होंने कहा कि आप समझेंगे कि कौन है देशभक्त।

राहुल ने यह भी कहा कि चीनी टैंक भारतीय पोजिशन के केवल कुछ सौ मीटर दूर कैलाश रेंज में थे। इतना ही नहीं, मोदी सरकार के तीन बड़े मंत्री-राजनाथ सिंह, अमित शाह और किरण रिजिजू-पूरी कोशिश करते हुए राहुल गांधी को बीच में रोकने की कोशिश कर रहे थे।

राजनाथ सिंह: रक्षा मंत्री ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में इन बातों का कोई जिक्र नहीं था। राहुल जिस किताब का हवाला दे रहे हैं, वह प्रकाशित ही नहीं हुई थी।

इसलिए उनका संदर्भ गलत है। अमित शाह: केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि राहुल को यह स्पष्ट करना चाहिए कि यह पुस्तक प्रकाशित हुई है या नहीं। बिना प्रकाशित हुए किसी की भी बात पढ़ना सही नहीं है।

किरन रिजिजू: संसदीय कार्य मंत्री ने राहुल को बोलने से रोकते हुए कहा कि आप संसद के नियम तोड़ रहे हैं। संसद नियमों के अनुसार चलती है और बिना प्रकाशित किताब के बारे में चर्चा करना स्वीकार्य नहीं है।

सरकार की आपत्ति: राहुल गांधी ने नरवणे की किताब का जिक्र करते हुए कहा कि उसमें प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री के बारे में लिखा गया है। इसके जवाब में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह किताब प्रकाशित नहीं हुई है।

सरकार की सबसे बड़ी आपत्ति यह थी कि बिना प्रकाशित किताब का हवाला देकर संसद में बयान देना उचित नहीं है। सिंह ने यह भी कहा कि किताब में कुछ तर्क गलत पाए गए थे, इसलिए इसे प्रकाशित नहीं किया गया, और अब उसी किताब को पढ़ना गलत है।

news desk

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