मुंबई। “90 के दशक में ‘शादिक कालिया’ एक ऐसा नाम था, जिससे पूरी मुंबई खौफ से कांप उठती थी। सालों की खामोशी के बाद, एक बार फिर इस गैंगस्टर का नाम मायानगरी की सुर्खियों में गूंज रहा है।
अचानक हुई इस हलचल ने कई पुराने जख्मों को कुरेद दिया है। आखिर कौन था गैंगस्टर शादिक कालिया? और सालों बाद क्यों एक बार फिर उसके नाम की चर्चा गलियारों में इतनी तेज हो गई है? आइए समझते हैं इस खौफनाक अतीत और वर्तमान के खूनी कनेक्शन को।”
अपराध की शुरुआत: 90 के दशक में कालाचौकी के फुटपाथ पर जूते बेचने वाला सादिक कालिया ‘हफ्ता वसूली’ के विवाद के बाद जुर्म की दुनिया में उतरा। जल्द ही वह छोटा शकील गैंग का वफादार बन गया और मुंबई के अंडरवर्ल्ड में अपनी दहशत कायम कर ली।
नवंबर 1999 में पुलिस को एक बड़े हमले की साजिश की भनक लगी। घेराबंदी के दौरान एनकाउंटर में सादिक कालिया मारा गया।
सादिक की मौत के करीब 27 साल बाद, उसके भतीजे शादिक जावर ने अपने चाचा के एनकाउंटर का बदला लेने के लिए कथित मुखबिर की हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी नागपुर भाग गया था, जिसे अब क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।”दाऊद का सबसे बड़ा शूटर था सादिक कालिया। ये 22 गैंगवार मर्डर्स में शामिल था।
इस पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए आपको फ्लैशबैक में जाना होगा। इस हत्याकांड के तार साल 1999 में एनकाउंटर में मारे गए गैंगस्टर शादिक कालिया से जुड़े हैं।
शादिक कालिया के भतीजे ने अपने चाचा की मौत का जिम्मेदार माने जाने वाले 78 वर्षीय इकबाल इब्राहिम सेलिया की हत्या कर अपना बदला पूरा करने का दावा किया है।
अब सवाल यह उठता है कि इकबाल इब्राहिम सेलिया को ही क्यों निशाना बनाया गया? पुलिस के अनुसार, शादिक कालिया के भतीजे शादिक जावर को यकीन था कि सेलिया ने ही उस समय एनकाउंटर स्पेशलिस्ट दया नायक की टीम को उसके चाचा की सटीक सूचना दी थी। इसी ‘मुखबिरी’ का बदला लेने के लिए भतीजे ने तीन दशक तक आग पाल रखी थी और अंततः इस खौफनाक हत्याकांड को अंजाम दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच ने तत्काल एक्शन लिया और मुख्य आरोपी शादिक जावर व उसके साथी को नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस साजिश के पीछे अंडरवर्ल्ड के कुछ और पुराने नाम भी शामिल हैं।
मुंबई के नागपाड़ा इलाके में हुई एक सनसनीखेज हत्या की गुत्थी को क्राइम ब्रांच ने सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को नागपुर से गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस हत्या के तार 90 के दशक के अंडरवर्ल्ड और एक पुराने एनकाउंटर से जुड़े हुए हैं।
बीती 20 अप्रैल की शाम, नागपाड़ा स्थित ‘सेलिया’ के घर में उस वक्त खूनी खेल खेला गया जब परिवार के अन्य सदस्य बाहर थे। दो हमलावरों ने घर में घुसकर धारदार हथियार से सेलिया पर 20 से ज्यादा वार किए और उनकी बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। जब मृतक की पत्नी और बेटा घर लौटे, तो उन्हें खून से लथपथ शव मिला, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
वारदात के बाद आरोपी सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गए थे। पुलिस ने उनकी लोकेशन ट्रेस करना शुरू किया। जांच में पता चला कि हत्या के बाद दोनों आरोपी अंटोप हिल और विद्याविहार होते हुए कल्याण पहुंचे और वहां से ट्रेन के जरिए नागपुर भाग निकले। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर क्राइम ब्रांच ने जाल बिछाया और 29 वर्षीय शादिक जावर और उसके साथी 22 वर्षीय नौशाद मिथानी को नागपुर से धर दबोचा।
पुलिस पूछताछ में जो खुलासा हुआ, वह किसी फिल्मी पटकथा जैसा है। गिरफ्तार आरोपी शादिक जावर का चाचा, शादिक कालिया, 90 के दशक में छोटा शकील गैंग का सक्रिय सदस्य था।
नवंबर 1999 में एक बड़े नेता की हत्या की साजिश के दौरान एनकाउंटर स्पेशलिस्ट दया नायक की टीम ने शादिक कालिया को मार गिराया था।
उस वक्त आरोपी शादिक जावर महज 2 साल का था। जैसे-जैसे वह बड़ा हुआ, उसने अपने चाचा की मौत का बदला लेने की ठान ली।
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या मृतक ‘सेलिया’ उस वक्त पुलिस के लिए मुखबिरी कर रहे थे, जिसकी वजह से उन्हें निशाना बनाया गया। फिलहाल, पुलिस दोनों आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि इस साजिश में शामिल अन्य लोगों और अंडरवर्ल्ड के वर्तमान नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
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