बांग्लादेश के युवा एक्टिविस्ट उस्मान हादी की मौत के बाद देश एक बार फिर हिंसा की चपेट में आ गया है। राजधानी ढाका समेत कई इलाकों में हालात बेकाबू हो गए हैं। हादी के समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं और जगह-जगह तोड़फोड़, आगजनी और हिंसक प्रदर्शन कर रहे हैं। रातभर भारी भीड़ ने जमकर तांडव मचाया, इस दौरान मीडिया संस्थानों और पत्रकारों को भी निशाना बनाया गया।
उस्मान हादी की मौत को उनके एंटी इंडिया और एंटी अवामी लीग रुख से जोड़कर देखा जा रहा है। बता दें कि 12 दिसंबर को ढाका में उन पर हमला किया गया था। यह हमला उस वक्त हुआ, जब कुछ ही देर पहले हादी ने सोशल मीडिया पर एक विवादित फेसबुक पोस्ट साझा की थी, जिसमें पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों को मिलाकर ‘ग्रेटर बांग्लादेश’ का नक्शा दिखाया गया था। इसके बाद से ही हमले को लेकर भारत से जुड़ी आशंकाएं भी जताई जा रही हैं।
सिंगापुर में इलाज के दौरान हादी की मौत की खबर फैलते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित भीड़ सड़कों पर उतर आई और कई इलाकों में जमकर तोड़फोड़ और लूटपाट की। इसी दौरान बांग्लादेश के प्रमुख अखबार प्रोथोम आलो और द डेली स्टार के दफ्तरों को आग के हवाले कर दिया गया। कई पत्रकारों के साथ मारपीट की खबरें भी सामने आई हैं, जबकि हालात पर काबू पाने में सरकार नाकाम नजर आ रही है।
बताया जा रहा है कि न्यू एज अखबार के संपादक नूरुल कबीर पर जानलेवा हमला किया गया। वहीं, द डेली स्टार अखबार के 30 से अधिक कर्मचारियों को सेना ने बिल्डिंग की छत के रास्ते सुरक्षित बाहर निकाला।
हिंसा के दौरान डेली स्टार की रिपोर्टर जायमा इस्लाम ने सोशल मीडिया पर मदद की गुहार लगाते हुए लिखा, “मैं अब सांस नहीं ले पा रही हूं, तुम मुझे मार रहे हो।” सिंगापुर में शरीफ उस्मान हादी की मौत की खबर के बाद से हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं।
इस बीच अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने देश को संबोधित करते हुए उस्मान हादी को निडर फ्रंटलाइन फाइटर करार दिया है और फासीवादी आतंकवादियों को नाकाम करने की कसम खाई है।