मानसा। पंजाब के मानसा में परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद तनाव का माहौल है। इस मामले में मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, आरोपी की दवाइयों की दुकान पर बुलडोजर चलाए जाने की संभावना को लेकर भी चर्चा हो रही है। बताया जा रहा है कि पंजाब की भगवंत मान सरकार इस संबंध में फैसला ले सकती है। हालांकि, दुकान को गिराने के किसी अंतिम सरकारी आदेश की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
आरोप है कि 13 अक्टूबर को अश्वनी कुमार ने अपनी दुकान पर परविंदर सिंह झोटा को गोली मार दी थी, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद मानसा में लोगों का गुस्सा देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के होर्डिंग्स फाड़ दिए और आरोपी की दुकान में तोड़फोड़ की। अस्पताल के बाहर भी बड़ी संख्या में लोग जमा हुए और विरोध प्रदर्शन किया।
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में पंजाब पुलिस ने मुख्य आरोपी और कथित शूटर अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच आगे बढ़ने की उम्मीद है।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, घटना के बाद से ही आरोपी की तलाश की जा रही थी। हालांकि, परिवार की ओर से पुलिस के सामने बयान दर्ज नहीं कराए जाने के कारण मामले में एफआईआर दर्ज होने की स्थिति को लेकर भी सवाल उठे हैं। पुलिस की ओर से मामले की मौजूदा कानूनी स्थिति की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
परविंदर सिंह झोटा का पार्थिव शरीर मानसा के सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, परिवार की सहमति नहीं मिलने के कारण पोस्टमार्टम नहीं हो पाया है।
परिवार की ओर से पुलिस को बयान नहीं दिए जाने की बात भी सामने आई है। ऐसे में पोस्टमार्टम और परिजनों के बयान मामले की जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण होंगे। पुलिस की आगे की कार्रवाई इन प्रक्रियाओं और जुटाए जाने वाले साक्ष्यों पर निर्भर करेगी।
हत्याकांड के बाद आरोपी अश्वनी कुमार की दवाइयों की दुकान को लेकर भी चर्चा तेज है। दावा किया जा रहा है कि पंजाब सरकार दुकान के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई पर विचार कर सकती है।
हालांकि, अभी तक उपलब्ध जानकारी में किसी अंतिम आदेश की पुष्टि नहीं हुई है। किसी दुकान या इमारत को गिराने के लिए संबंधित कानूनी प्रक्रिया और सक्षम प्राधिकारी का आदेश जरूरी होता है। इसलिए सरकारी फैसले की आधिकारिक घोषणा होने तक इसे संभावित कार्रवाई के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
इस मामले को लेकर पंजाब की राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस सांसद और पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मिलने मानसा पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
हत्या के बाद कांग्रेस, बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल के नेताओं ने राज्य सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। विपक्षी दल कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भगवंत मान सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।
परविंदर सिंह झोटा की मौत के बाद मानसा में लोगों का आक्रोश सामने आया। गुस्साए लोगों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के होर्डिंग्स फाड़ दिए। अस्पताल के बाहर भीड़ जमा हुई और विरोध प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा आरोपी की दुकान में तोड़फोड़ किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
फिलहाल, इस मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जांच, परिवार के बयान, पोस्टमार्टम और संभावित सरकारी कार्रवाई पर सबकी नजरें हैं। पुलिस जांच के निष्कर्ष और प्रशासन की आधिकारिक जानकारी से ही मामले की आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
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