यूपी की राजधानी लखनऊ के स्पोर्ट्स गैलेक्सी अकादमी में शुक्रवार को एक अलग ही नजारा देखने को मिला। अकादमी के ग्राउंड पर भारी संख्या में खिलाड़ी लखनऊ प्रीमियम लीग का ट्रायल देने के लिए इकठ्ठा हुए थे। वैसे इस ग्राउंड में ट्रायल के लिए भारी संख्या में खिलाड़ी आते रहते हैं। लेकिन शुक्रवार को खास इसलिए था क्योंकि ट्रायल में विभिन्न आयु वर्ग के खिलाड़ी मौजूद थे। छोटे, बड़े सभी खिलाड़ियों में खुद को साबित करने की होड़ मची थी।
स्पोर्ट्स गैलेक्सी अकादमी में सुबह आठ बजे से खिलाड़ियों का आना शुरू हो गया था। यहाँ 14 से 30 साल की उम्र के खिलाड़ी एक बेहतरीन मौके की तलाश में आये थे। यह सिर्फ एक क्रिकेट ट्रायल नहीं, बल्कि उम्मीद, संघर्ष और सपनों की परीक्षा थी। मैदान पर एक ओर वे खिलाड़ी थे, जिनकी उम्र 20 से 30 साल के बीच है ऐसे मैच्योर क्रिकेटर जिन्हें अब तक बड़े मंच पर खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन लखनऊ प्रीमियर लीग (एलपीएल) में उन्हें अपने करियर की नई किरण नजर आ रही है। इन्हीं खिलाड़ियों के लिए एलपीएल आखिरी नहीं, बल्कि नई शुरुआत की उम्मीद बनकर सामने आया है।
वहीं दूसरी ओर ट्रायल में 14 से 16 साल के वे बच्चे भी मौजूद थे, जिनकी आंखों में सचिन बनने का सपना और बल्ले में बेखौफ आत्मविश्वास झलक रहा था। कोई निडर होकर शॉट खेल रहा था तो कोई रोहित शर्मा की तरह पुल शॉट लगाकर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींच रहा था। उम्र में छोटे, लेकिन हौसलों में बड़े इन बच्चों ने मैदान पर अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराई।
एक ही मैदान पर जब अनुभव और जोश, संघर्ष और सपने, मेहनत और उम्मीद आमने-सामने आए, तो साफ़ हो गया कि लखनऊ प्रीमियर लीग सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि क्रिकेटरों के सपनों का मंच है-जहां 20–30 साल के खिलाड़ियों को पहचान की उम्मीद है और 14-16 साल के बच्चे भविष्य की दस्तक दे रहे हैं।
ट्रायल के पहले दिन स्थानीय खिलाड़ियों का जोश और उत्साह देखते ही बनता था। ट्रायल देने आए खिलाड़ियों का एक ही सपना है लखनऊ प्रीमियर लीग (एलपीएल) का हिस्सा बनना ताकि आईपीएल के लिए उनका रास्ता खुल सके।
“लखनऊ प्रीमियर लीग के इस ट्रायल में इस बार 1,000 से अधिक खिलाड़ियों के शामिल होने की उम्मीद है, और पहले दिन ही 300 खिलाड़ियों ने मैदान पर अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी से शानदार प्रदर्शन किया।”

क्रिकेट एसोसिएशन लखनऊ के संयुक्त सचिव सुभांश कुमार ने बातचीत में कहा, “लखनऊ में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। हमारा मुख्य उद्देश्य है शहर की नई प्रतिभा को बड़ा मंच देना। हमने इस लीग के आयोजन के लिए काफी मेहनत की है और फिर जाकर इसकी घोषणा की है। हमारा लक्ष्य नई प्रतिभा को आगे लाना और यूपी क्रिकेट को मजबूत करना है।”
सुभांश कुमार ने आगे कहा, “पूरा देश क्रिकेट को लेकर उत्साहित रहता है और हर कोई सचिन या विराट बनने की ख्वाहिश रखता है। लेकिन सही प्लेटफॉर्म न मिलने की वजह से कई प्रतिभाएं कहीं खो जाती हैं।क्रिकेट एसोसिएशन लखनऊ चाहते हैं कि अगर गाँव में कोई तेज गेंदबाज या बल्लेबाज छुपा हुआ टैलेंट है, तो उसे खोजा जाए और मौका दिया जाए। लखनऊ प्रीमियर लीग के माध्यम से कई खिलाड़ियों को आईपीएल में खेलने का अवसर मिल सकता है। क्रिकेट एसोसिएशन लखनऊ आईपीएल की तर्ज पर पूरी लीग तैयार कर रहे हैं और उम्मीद है कि यह एक शानदार आयोजन साबित होगा।” उन्होंने बताया कि पहले ही दिन ट्रायल में खिलाड़ियों के बीच उत्साह और प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।

एलपीएल ट्रायल: जब क्रिकेट के नए सितारे चमकने आए
लखनऊ प्रीमियर लीग के ट्रायल में इस बार 1,000 से अधिक क्रिकेटरों के भाग लेने की उम्मीद है, और पहले दिन ही 300 खिलाड़ियों ने मैदान पर अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी का जलवा बिखेरा।
ट्रायल के दौरान स्काउट्स, फ्रेंचाइज़ी प्रतिनिधि और क्रिकेट एसोसिएशन लखनऊ के चयनकर्ता हर पल खिलाड़ियों की निगाहों और हर शॉट पर ध्यान दे रहे थे। मैदान में उत्साह का ऐसा माहौल था कि हर कोने से नए टैलेंट की झलक महसूस की जा सकती थी। हर खिलाड़ी ने खुद को साबित करने की पूरी ताकत लगाई, और मैदान में यह साफ़ दिख रहा था कि लखनऊ में क्रिकेट का भविष्य चमक रहा है।