Latest News

शिवलिंग पर सबसे पहले क्या चढ़ाना चाहिए? जलाभिषेक की सही विधि और पूजा के जरूरी नियम जानिए

नई दिल्ली: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान भगवान शिव और माता पार्वती पृथ्वी पर भ्रमण करते हैं, इसलिए इस माह में की गई शिव उपासना का विशेष फल प्राप्त होता है। शिवलिंग पर जलाभिषेक और रुद्राभिषेक का भी विशेष महत्व बताया गया है। ऐसे में अगर आप सावन में शिवलिंग का पूजन कर रहे हैं, तो यह जानना जरूरी है कि सबसे पहले क्या अर्पित करना चाहिए और पूजा की सही विधि क्या है।

शिवलिंग पर सबसे पहले क्या चढ़ाएं?

शिवलिंग की पूजा की शुरुआत हमेशा शुद्ध जल अर्पित करके करनी चाहिए। तांबे या पीतल के लोटे से धीरे-धीरे पतली धार में जल चढ़ाएं और इस दौरान ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करते रहें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जलाभिषेक से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं।

जल के बाद करें पंचामृत से अभिषेक

जल अर्पित करने के बाद शिवलिंग का पंचामृत से अभिषेक किया जाता है। पंचामृत दही, घी, शहद और चीनी को मिलाकर तैयार किया जाता है। पंचामृत अर्पित करने के बाद दोबारा शुद्ध जल या गंगाजल चढ़ाएं और शिवलिंग को हल्के हाथों से साफ करें।

पंचामृत न हो तो कच्चा दूध चढ़ाएं

यदि पंचामृत उपलब्ध नहीं है तो जलाभिषेक के बाद गाय का कच्चा दूध अर्पित किया जा सकता है। इसके बाद फिर से शुद्ध जल या गंगाजल चढ़ाने का विधान बताया गया है।

इसके बाद चंदन का लेप लगाएं

जल और अभिषेक के बाद शिवलिंग पर सफेद या पीले चंदन का लेप लगाएं। इसे भगवान शिव की पूजा का महत्वपूर्ण चरण माना जाता है।

बेलपत्र, धतूरा और प्रिय पुष्प करें अर्पित

चंदन लगाने के बाद भगवान शिव को प्रिय माने जाने वाले बेलपत्र, धतूरा, भांग, मदार के फूल और शमी के पत्ते अर्पित करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन वस्तुओं से पूजा करने का विशेष महत्व है।

अक्षत और जनेऊ भी करें अर्पित

इसके बाद बिना टूटे हुए चावल यानी अक्षत चढ़ाएं और फिर भगवान शिव को जनेऊ अर्पित करें।

भोग लगाकर करें आरती

पूजन के अंतिम चरण में पान का पत्ता, सुपारी और इलायची अर्पित करें। इसके साथ फल और मिठाई का भोग लगाएं। इसके बाद धूप-दीप जलाकर कपूर से भगवान शिव की आरती करें। श्रद्धालु चाहें तो आरती से पहले शिव चालीसा का पाठ भी कर सकते हैं।

शिवलिंग पूजन के दौरान इन नियमों का रखें विशेष ध्यान

  • शिवलिंग पर जल अर्पित करते समय उत्तर दिशा की ओर मुख करके खड़े हों।
  • जल हमेशा पतली और धीमी धार में अर्पित करें।
  • एक साथ पूरा जल शिवलिंग पर नहीं चढ़ाना चाहिए।
  • शिवलिंग पर हल्दी, तुलसी, केतकी का फूल और सिंदूर अर्पित नहीं करना चाहिए।
  • शंख से कभी भी शिवलिंग पर जल नहीं चढ़ाना चाहिए।
  • बेलपत्र हमेशा साबुत होना चाहिए, कटा-फटा या धारीदार बेलपत्र अर्पित नहीं करें।
  • बेलपत्र उल्टा चढ़ाएं, ताकि उसका चिकना भाग शिवलिंग को स्पर्श करे।

vineet verma

Recent Posts

मक्का-जेद्दा समेत 6 इलाकों में इमरजेंसी अलर्ट, हूती हमलों के बाद बढ़ी सऊदी अरब की चिंता

यमन के हूती विद्रोहियों के साथ बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब में सुरक्षा को…

5 minutes ago

IND vs AFG 2nd T20: दिल्ली में आज सीरीज जीतने उतरेगी टीम इंडिया, अफगानिस्तान के सामने करो या मरो का मुकाबला

भारत और अफगानिस्तान के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला आज यानी…

28 minutes ago

गणेश उत्सव में छाए ‘गोल्डन गणेश’! 24 कैरेट सोने और 3.83 लाख डायमंड्स का कमाल

गणेश चतुर्थी का त्योहार देशभर में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। महाराष्ट्र से…

59 minutes ago

सचिन पायलट के नेतृत्व में कांग्रेस का हल्लाबोल, चीमा के घर कूच पर वाटर कैनन, कई नेता हिरासत में

पंजाब में नशे के मुद्दे और गुलजार सिंह आत्महत्या मामले को लेकर कांग्रेस ने चंडीगढ़…

1 hour ago

UPI Payment Charges: क्या 2,000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर लगेगा चार्ज? सरकार ने साफ किया पूरा मामला

भारत में UPI से पेमेंट करना लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका…

2 hours ago

गणेश पूजा में दिशा पाटनी का ग्लैमरस अंदाज, लुक पर छिड़ी सोशल मीडिया बहस!

गणेश चतुर्थी का भव्य पर्व शुरू हो चुका है और इसकी धूम बॉलीवुड तक भी…

3 hours ago