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नाखूनों में बदलाव क्या बताते हैं? जानिए पोषण, चोट और बीमारियों के छिपे संकेत

हम अक्सर अपने नाखूनों को सिर्फ सौंदर्य या सफाई के नजरिए से देखते हैं, लेकिन मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार नाखून हमारे शरीर की अंदरूनी सेहत का एक महत्वपूर्ण संकेतक होते हैं। नाखूनों का रंग, आकार, बनावट या वृद्धि में बदलाव कई बार पोषण की कमी, पुरानी बीमारियों या किसी चोट का संकेत हो सकता है। इसलिए नाखूनों में होने वाले बदलावों को नजरअंदाज करना कई बार स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा सकता है।

नाखूनों का रंग क्या बताता है?

स्वस्थ नाखून आमतौर पर हल्के गुलाबी और चिकने होते हैं। अगर नाखून पीले, नीले या सफेद पड़ने लगें, तो यह शरीर में किसी समस्या की ओर इशारा कर सकता है। पीले नाखून अक्सर फंगल संक्रमण, धूम्रपान या लंबे समय तक किसी बीमारी के कारण हो सकते हैं। नीले नाखून शरीर में ऑक्सीजन की कमी या हृदय व फेफड़ों से जुड़ी समस्याओं का संकेत दे सकते हैं। वहीं बहुत सफेद नाखून कभी-कभी लिवर या किडनी से जुड़ी परेशानी की ओर इशारा करते हैं।

नाखूनों की बनावट और आकार में बदलाव

नाखूनों का मोटा, पतला या उभरा हुआ होना भी शरीर की स्थिति को दर्शा सकता है।
अगर नाखून बहुत पतले और कमजोर हो जाएं तो यह आयरन या अन्य पोषक तत्वों की कमी का संकेत हो सकता है। वहीं चम्मच के आकार जैसे नाखून अक्सर आयरन की कमी से जुड़ी एनीमिया में देखे जाते हैं।
इसके अलावा, नाखूनों पर गड्ढे या लहरदार बनावट सोरायसिस जैसी त्वचा संबंधी बीमारियों से जुड़ी हो सकती है।

नाखूनों पर धारियां और निशान

नाखूनों पर बनने वाली लंबी या गहरी धारियां भी कई बार शरीर के अंदर चल रही प्रक्रियाओं को दर्शाती हैं। उम्र बढ़ने के साथ हल्की लंबवत धारियां सामान्य हो सकती हैं, लेकिन अचानक गहरी धारियां या रेखाएं किसी गंभीर बीमारी या तनाव का संकेत हो सकती हैं।
अगर नाखूनों पर काले या भूरे धब्बे दिखाई दें, तो यह चोट, फंगल संक्रमण या कुछ मामलों में त्वचा कैंसर जैसी स्थिति का संकेत भी हो सकता है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

नाखून टूटना या धीमी वृद्धि

नाखूनों का बार-बार टूटना या बहुत धीमी गति से बढ़ना अक्सर शरीर में पोषण की कमी, खासकर बायोटिन, प्रोटीन और विटामिन की कमी से जुड़ा होता है। इसके अलावा, अत्यधिक तनाव और हार्मोनल असंतुलन भी नाखूनों की वृद्धि को प्रभावित कर सकते हैं। लगातार नाखून टूटना थायरॉइड जैसी समस्याओं का भी संकेत हो सकता है।

चोट और बाहरी कारण

कई बार नाखूनों में बदलाव किसी गंभीर बीमारी के कारण नहीं बल्कि चोट या बाहरी कारणों से भी हो सकते हैं। जैसे लगातार नेल पॉलिश का उपयोग, रसायनों के संपर्क में रहना या गलत तरीके से नाखून काटना भी उनकी संरचना को प्रभावित कर सकता है। ऐसे मामलों में सही देखभाल और सुरक्षा से समस्या को सुधारा जा सकता है।

कब डॉक्टर से सलाह लें?

अगर नाखूनों में बदलाव अचानक और लगातार दिख रहे हों, या उनके साथ थकान, वजन घटना, सांस लेने में दिक्कत जैसी समस्याएं भी हों, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। ऐसे मामलों में डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी होता है, ताकि किसी गंभीर बीमारी का समय रहते पता लगाया जा सके।
नाखून सिर्फ शरीर का बाहरी हिस्सा नहीं हैं, बल्कि यह हमारे अंदरूनी स्वास्थ्य का एक आईना हैं। उनमें होने वाले छोटे-छोटे बदलाव भी बड़े संकेत दे सकते हैं। सही खान-पान, संतुलित आहार और नियमित स्वास्थ्य जांच से नाखूनों और शरीर दोनों को स्वस्थ रखा जा सकता है।

news desk

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