नई दिल्ली: सुबह की शुरुआत में क्या खाया जाए, इसका असर पूरे दिन की ऊर्जा और पाचन पर पड़ सकता है। मुनक्का, अंजीर और खजूर तीनों ही पोषक तत्वों से भरपूर माने जाते हैं, लेकिन हर व्यक्ति के लिए इनका असर एक जैसा नहीं होता। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉक्टर रूपाली जैन के मुताबिक, सुबह खाली पेट किसी एक खाद्य पदार्थ को सभी के लिए सबसे बेहतर मानना सही नहीं है। व्यक्ति की प्रकृति, पाचन क्षमता, मौसम और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर चुनाव करना चाहिए।
डॉक्टर रूपाली जैन के अनुसार, सुबह का भोजन या पेय सही होने पर पाचन को बेहतर रखने और दिनभर शरीर को सक्रिय रखने में मदद मिल सकती है। इसके साथ गैस, एसिडिटी, पेट फूलने और कब्ज जैसी परेशानियों को नियंत्रित करने में भी सहायता मिल सकती है। मुनक्का, अंजीर और खजूर को भी जरूरत के मुताबिक सुबह की डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है।
मुनक्का, अंजीर और खजूर को सुबह के भोजन में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। इनमें फाइबर समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। मुनक्का और अंजीर का सेवन मल त्याग को आसान बनाने में मदद कर सकता है, जबकि खजूर प्राकृतिक शर्करा का स्रोत होने के कारण शरीर को जल्दी ऊर्जा देने वाला विकल्प माना जाता है।
हालांकि, इनका सेवन करते समय व्यक्ति की जरूरत और पाचन क्षमता का ध्यान रखना जरूरी है। खासकर जिन लोगों को रक्त शर्करा से जुड़ी समस्या है, उन्हें इन सूखे फलों की मात्रा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
अगर आपकी मुख्य समस्या कब्ज है तो अंजीर को सुबह की डाइट में शामिल किया जा सकता है। इसमें घुलनशील और अघुलनशील दोनों तरह के फाइबर पाए जाते हैं, जो आंतों की गतिविधियों को बेहतर रखने में मदद कर सकते हैं।
मुनक्का में भी फाइबर पाया जाता है और इसका सेवन पाचन के लिए उपयोगी हो सकता है। भीगे हुए मुनक्का और अंजीर लेने से पेट को पर्याप्त फाइबर मिल सकता है, जिससे मल त्याग में आसानी हो सकती है और पेट हल्का महसूस हो सकता है।
खजूर प्राकृतिक शर्करा का अच्छा स्रोत है। यही वजह है कि सुबह इसका सेवन शरीर को जल्दी ऊर्जा देने में मदद कर सकता है। थकान या कमजोरी महसूस करने वाले लोगों के लिए यह नाश्ते का एक विकल्प हो सकता है।
हालांकि, खजूर में प्राकृतिक शर्करा की मात्रा अधिक होती है। इसलिए मधुमेह या रक्त शर्करा से जुड़ी समस्या वाले लोगों को इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।
मुनक्का में आयरन और विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। रातभर भिगोकर रखे गए मुनक्का का सेवन सुबह किया जा सकता है। इससे शरीर को फाइबर और दूसरे पोषक तत्व मिलते हैं और पाचन को भी सहारा मिल सकता है।
मुनक्का और अंजीर दोनों को भिगोकर खाने का तरीका भी अपनाया जा सकता है। सूखे फलों को भिगोने से उनकी बनावट नरम हो जाती है, जिससे उन्हें चबाना और पचाना आसान हो सकता है।
अगर प्राथमिकता कब्ज से राहत और फाइबर है तो अंजीर उपयोगी विकल्प हो सकता है। हल्की ऊर्जा के साथ फाइबर और पोषण के लिए मुनक्का लिया जा सकता है। वहीं, जल्दी ऊर्जा पाने के लिए खजूर बेहतर विकल्प हो सकता है।
यानी तीनों में से किसी एक को हर व्यक्ति के लिए सबसे बेहतर बताना सही नहीं होगा। जरूरत के अनुसार इनका चुनाव करना ज्यादा उचित है।
आयुर्वेदिक एक्सपर्ट के मुताबिक, रात में 4-5 मुनक्का, 1-2 अंजीर और 2 खजूर साफ पानी में भिगोकर रखे जा सकते हैं। सुबह सबसे पहले भिगोया हुआ पानी पीने के बाद इन सूखे फलों को अच्छी तरह चबाकर खाया जा सकता है।
हालांकि, यह मात्रा हर व्यक्ति के लिए अनिवार्य या उपयुक्त नहीं मानी जानी चाहिए। खासकर मधुमेह, पाचन संबंधी समस्या या किसी अन्य स्वास्थ्य स्थिति वाले लोगों को अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।
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