मुंबई। महानगर में मूक-बधिर महिलाओं के साथ यौन शोषण का एक बेहद चौंकाने वाला और इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। इस घटना के बारे में जिसने भी सुना, वह स्तब्ध रह गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक आरोपी ने सुनियोजित तरीके से अपनी जाल में फंसाकर एक-दो नहीं बल्कि 24 महिलाओं का कथित तौर पर कई वर्षों तक यौन उत्पीड़न किया।
आरोप है कि आरोपी पीड़ित महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करता था और बदले में उनसे बड़ी रकम वसूलता रहा। यह पूरा मामला तब उजागर हुआ, जब एक पीड़िता ने करीब 16 साल बाद चुप्पी तोड़ते हुए सामने आकर अपनी आपबीती साझा की। उसकी शिकायत और गवाही के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
इस मामले से जुड़ा एक और दर्दनाक पहलू तब सामने आया, जब पीड़िता की एक करीबी दोस्त आरोपी की कथित करतूतों से मानसिक रूप से इतनी परेशान हो गई कि उसने आत्महत्या की कोशिश की। इस घटना का पीड़िता पर गहरा मानसिक असर पड़ा, जिसके बाद उसने हिम्मत जुटाकर पूरे मामले से पर्दा उठाने का फैसला किया।
पीड़िता ने बताया कि उसके साथ पहली बार यह घटना तब हुई थी, जब वह नाबालिग थी। उस समय वह मुंबई के वेस्टर्न सबर्ब्स इलाके में रहती थी। आरोप है कि उसकी एक दोस्त उसे मुंबई घुमाने के बहाने साथ ले गई थी, जिसके बाद यह सिलसिला शुरू हुआ।
फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और अन्य संभावित पीड़ितों से भी संपर्क किया जा रहा है।धोखे से आरोपी के घर ले जाई गई पीड़िता
पीड़िता को उसकी ही एक करीबी दोस्त बहाने से आरोपी महेश पवार के सांताक्रूज स्थित वाकोला इलाके के घर ले गई। वहां जन्मदिन का बहाना बनाकर उसे खाने-पीने की चीजें ऑफर की गईं। आरोप है कि उसे जबरन ड्रिंक पिलाई गई, जिसमें पहले से नशीला पदार्थ मिलाया गया था। कुछ देर बाद उसकी दोस्त उसे आरोपी के साथ अकेला छोड़कर वहां से चली गई। इसी दौरान आरोपी ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया।
वीडियो बनाकर सालों तक ब्लैकमेल करने का आरोप
आरोप है कि आरोपी ने इस आपराधिक कृत्य का वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया और उसी वीडियो के जरिए पीड़िता को लंबे समय तक ब्लैकमेल करता रहा। मानसिक आघात इतना गहरा था कि पीड़िता वर्षों तक इस दर्द को अकेले झेलती रही। बाद में आरोपी द्वारा नशीले पदार्थ देकर बार-बार दुष्कर्म किए जाने और हर बार वीडियो बनाकर धमकाने के आरोप भी सामने आए हैं।
डर और सामाजिक दबाव ने तोड़ी आवाज
डर, शर्म और सामाजिक दबाव के चलते पीड़िता लंबे समय तक चुप रही। हालांकि, जब यह पीड़ा असहनीय हो गई, तो उसने साहस जुटाकर सच सामने लाने का फैसला किया। पीड़िता ने अपने पति को पूरी घटना की जानकारी दी।
सामाजिक कार्यकर्ताओं की मदद से पुलिस तक पहुंची पीड़िता
इसके बाद ठाणे डेफ एसोसिएशन के अध्यक्ष वैभव घैसिस, सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद फरहान खान, साइन लैंग्वेज इंटरप्रेटर मधु केनी और अली यावर जंग नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पीच एंड हियरिंग डिसएबिलिटीज के एक सेवानिवृत्त अधिकारी की मदद से पीड़िता पुलिस तक पहुंची।
कुरार पुलिस स्टेशन में इंटरप्रेटर की सहायता से कैमरे के सामने पीड़िता का बयान दर्ज किया गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, जांच के दौरान सामने आया है कि कई मामलों में पीड़ित महिलाओं से नकदी, सोने के आभूषण और मोबाइल फोन भी लिए गए। साथ ही उनके साथ अमानवीय और अपमानजनक व्यवहार किए जाने के आरोप हैं।
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