लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बहुचर्चित विवेक तिवारी हत्याकांड में जिला अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। स्पेशल जज की कोर्ट ने मुख्य आरोपी बर्खास्त सिपाही प्रशांत चौधरी को गैर-इरादतन हत्या (IPC की धारा 304) का दोषी करार दिया है। वहीं, मामले में आरोपी बनाए गए दूसरे सिपाही संदीप कुमार को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया है।
दोषी करार दिए गए पूर्व सिपाही प्रशांत चौधरी की सजा की अवधि पर अदालत 21 सितंबर को फैसला सुनाएगी।
एप्पल कंपनी के तत्कालीन एरिया मैनेजर विवेक तिवारी अपनी सहकर्मी के साथ एसयूवी कार से घर लौट रहे थे। गोमती नगर में गश्त कर रहे दो सिपाहियों प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार ने गाड़ी रोकने का इशारा किया।
गाड़ी न रोकने पर सिपाही प्रशांत चौधरी ने पिस्तौल से विवेक तिवारी पर सीधे गोली चला दी। गोली विंडस्क्रीन को चीरते हुए विवेक तिवारी को लगी और अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया था। इस घटना के बाद यूपी पुलिस और प्रशासन पर काफी सवाल उठे थे।
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