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…यह है भारत का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन, जहां पटरियों को छूते हैं बादल, टॉय ट्रेन से दिखता है कंचनजंगा का शानदार नजारा

दार्जिलिंग: क्या आप जानते हैं कि भारत का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन कहां स्थित है? पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में मौजूद घुम रेलवे स्टेशन समुद्र तल से करीब 2,258 मीटर यानी 7,400 फीट की ऊंचाई पर बना है। अपनी ऊंचाई के साथ-साथ यह स्टेशन प्राकृतिक खूबसूरती और ऐतिहासिक महत्व के लिए भी जाना जाता है। यहां ट्रेन से सफर करने का अनुभव किसी सपने से कम नहीं लगता, क्योंकि कई बार ऐसा महसूस होता है जैसे बादल सिर के ऊपर से गुजर रहे हों।

करीब 150 साल पुराना है घुम रेलवे स्टेशन

घुम रेलवे स्टेशन का इतिहास लगभग 150 साल पुराना है। इसका निर्माण अंग्रेजों ने 1878 में शुरू कराया था। इसका मुख्य उद्देश्य कोलकाता को दार्जिलिंग से सीधे रेल मार्ग के जरिए जोड़ना था। लगातार प्रयासों के बाद 1879 में यह रेल लाइन दार्जिलिंग के घामौर तक पहुंच गई। रेल मार्ग के निर्माण से स्थानीय लोगों के साथ-साथ दार्जिलिंग आने वाले पर्यटकों के लिए भी आवागमन काफी आसान हो गया।

घुम स्टेशन दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस रेलवे को यूनेस्को ने विश्व धरोहर स्थल का दर्जा दिया है, जिससे इसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक अहमियत और बढ़ जाती है।

टॉय ट्रेन के सफर में दिखता है कंचनजंगा का नजारा

घुम रेलवे स्टेशन अपनी ऊंचाई के अलावा दार्जिलिंग की मशहूर टॉय ट्रेन के लिए भी जाना जाता है। यह ट्रेन यहां से रोजाना चलती है और यात्रियों को घने जंगलों, चाय के बागानों और पहाड़ी रास्तों के बीच सफर करने का अनोखा अनुभव देती है।

घुम से सफर के दौरान हिमालय की खूबसूरत कंचनजंगा पर्वत श्रृंखला का मनमोहक नजारा भी देखने को मिलता है। पहाड़ों, बादलों और टॉय ट्रेन का यह संगम यात्रियों के लिए बेहद खास अनुभव बन जाता है।

घुम स्टेशन पर मौजूद है खास रेलवे म्यूजियम

रेलवे के इतिहास और तकनीक में रुचि रखने वाले लोगों के लिए घुम स्टेशन पर रेलवे म्यूजियम भी आकर्षण का केंद्र है। इस संग्रहालय में भारतीय रेलवे से जुड़े पुराने और ऐतिहासिक उपकरणों को प्रदर्शित किया गया है। यहां पुराने भाप इंजन के साथ रेलवे से जुड़ी कई अन्य वस्तुएं भी देखने को मिलती हैं।

यह म्यूजियम रेलवे प्रेमियों के साथ-साथ इतिहास में रुचि रखने वाले छात्रों के लिए भी महत्वपूर्ण है। यहां रेलवे के पुराने दौर और उसकी तकनीकी विरासत को करीब से समझने का अवसर मिलता है।

घुम रेलवे स्टेशन सिर्फ एक रेलवे स्टेशन नहीं, बल्कि इतिहास, प्रकृति और इंजीनियरिंग का अनोखा संगम है। यही वजह है कि यह जगह आज भी बड़ी संख्या में लोगों को आकर्षित करती है। बादलों के बीच ट्रेन का सफर और पहाड़ों का नजारा इसे यात्रियों के लिए यादगार अनुभव बना देता है।

vineet verma

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