विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे
कानपुर का बिकरू गांव एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। जुलाई 2020 में हुए बिकरू कांड और कुख्यात अपराधी विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद यह मामला भले ही शांत हो गया हो, लेकिन पांच साल बाद अब इस केस में नया मोड़ सामने आया है। विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे पहली बार मीडिया के सामने आई हैं और उन्होंने कई बड़े और विवादित दावे किए हैं।
मीडिया से बातचीत में ऋचा दुबे ने कहा कि वे आज इसलिए सामने आई हैं क्योंकि उनके मृत पति और पूरे परिवार को लगातार बदनाम किया जा रहा है। उनका कहना है कि बिकरू कांड के बाद से वे अब भी सामाजिक, मानसिक और भावनात्मक प्रताड़ना झेल रही हैं। ऋचा के मुताबिक, वर्षों तक चुप रहने के बावजूद आरोप और कहानियां थमती नहीं दिखीं, जिसके बाद उन्हें अपनी बात सामने रखनी पड़ी।
ऋचा दुबे का सीधा आरोप खुशी दुबे पर है, जो विकास दुबे के करीबी और कथित राइट हैंड कहे जाने वाले अमर दुबे की पत्नी हैं। रिश्तों को स्पष्ट करते हुए ऋचा ने बताया कि विकास दुबे अमर के दादा थे और अमर, विकास दुबे के भतीजे का बेटा था।
ऋचा ने आरोप लगाया कि खुशी दुबे, विकास दुबे के नाम का इस्तेमाल सिर्फ चर्चा में बने रहने के लिए कर रही हैं। उन्होंने खुशी की पहचान पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि खुशी दुबे असल में खुशी तिवारी या खुशी ठाकुर हैं और उनकी तीन शादियां हो चुकी हैं। ऋचा के अनुसार, पहले पति की जानकारी नहीं है, दूसरी शादी अतुल ठाकुर से हुई थी और तीसरी शादी अमर से।
खुशी दुबे द्वारा लगाए गए उस आरोप पर भी ऋचा दुबे ने कड़ा पलटवार किया, जिसमें कहा गया था कि विकास दुबे उन्हें जबरन उठाकर लाए थे और अमर से शादी करवाई गई थी। ऋचा ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि विकास दुबे खुशी को ठाकुर परिवार से बचाकर लाए थे और शादी खुशी-अमर दोनों की सहमति से हुई थी। उनका कहना है कि इस शादी में खुशी के माता-पिता भी शामिल थे और अब गलत नैरेटिव गढ़ा जा रहा है।
बिकरू कांड, जिसमें आठ पुलिसकर्मियों की हत्या हुई थी, उस पर ऋचा दुबे ने गहरा अफसोस जताया। उन्होंने कहा कि उस दिन जो हुआ, वह गलत था और उस घटना का पछतावा उन्हें जीवन भर रहेगा। साथ ही उन्होंने साफ किया कि उन्हें उस हमले की कोई जानकारी नहीं थी।
इस मामले में अब फिल्मी विवाद भी जुड़ गया है। ऋचा दुबे ने बिकरू कांड पर बनी फिल्म को तथ्यों से छेड़छाड़ और झूठे चित्रण पर आधारित बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। उनका आरोप है कि फिल्म में विकास दुबे की छवि को और ज्यादा नकारात्मक रूप में दिखाया गया है।
अपने बच्चों और भविष्य को लेकर ऋचा दुबे ने कहा कि वे खुद को कभी भी बिकरू गांव से अलग नहीं करेंगी। उनका कहना है कि पिता का नाम बदला नहीं जा सकता, लेकिन वे अपने बच्चों को आपराधिक पहचान से दूर रखकर पढ़ा-लिखाकर एक बेहतर भविष्य देना चाहती हैं।
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