अमेरिका ने एक बड़े ऑपरेशन के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ़्लोरेस को अमेरिका लाया गया। इस दौरान दोनों के हाथों में हथकड़ियाँ थीं और चारों ओर अमेरिकी सेना के अधिकारी मौजूद थे। अमेरिका पहुंचने पर मादुरो लंगड़ाते हुए दिखाई दिए। ऐसे में वहां अगली सरकार किसकी बनेगी, इसे लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच जानकारी मिल रही है कि देश की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रीगेज को वेनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त करने का फैसला किया है।
वेनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रीगेज अब मादुरो की अनुपस्थिति में देश की अंतरिम राष्ट्रपति की जिम्मेदारी संभालेंगी।
अदालत ने अपने फैसले में बताया है कि निकोलस मादुरो की अनुपस्थिति में डेल्सी रोड्रीगेज देश की कार्यवाहक राष्ट्रपति के तौर पर काम करेंगी, ताकि सरकार का कामकाज बिना रुके चलता रहे और देश की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। फैसले पर गौर करें तो कोर्ट का मानना है कि ऐसे मामलों के लिए एक स्पष्ट कानूनी ढांचा होना चाहिए, जिससे राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में भी देश का प्रशासन, सरकार की कार्यप्रणाली और राष्ट्रीय संप्रभुता सुरक्षित और निरंतर बनी रह सके।
वेनेज़ुएला के मौजूदा हालात ?
वेनेज़ुएला में इस वक्त राजनीतिक और आर्थिक हालात पहले से ही बेहद नाज़ुक बने हुए हैं। महंगाई, बेरोज़गारी और संसाधनों की कमी से जनता परेशान है। ट्रंप के दावे सामने आने के बाद राजधानी कराकस सहित कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। हालांकि वेनेज़ुएला सरकार की ओर से मादुरो के “पकड़े जाने” संबंधी दावों को सिरे से खारिज किया गया है और इसे राजनीतिक अफवाह बताया गया है।
सरकार समर्थकों का कहना है कि ये बयान वेनेज़ुएला में अस्थिरता फैलाने और अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने की एक रणनीति हो सकती है।
विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया
वेनेज़ुएला के विपक्षी नेताओं ने घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि देश इस समय एक बेहद नाज़ुक दौर से गुजर रहा है और ऐसे हालात में राजनीतिक स्थिरता बनाए रखना सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि वे देश और जनता के हित में हर तरह की ज़िम्मेदारी उठाने को तैयार हैं।
विपक्ष ने साफ किया कि अगर सत्ता में किसी भी तरह का शून्य या असमंजस पैदा होता है, तो वेनेज़ुएला को संभालने और हालात को नियंत्रण में रखने की पूरी ज़िम्मेदारी विपक्ष निभाएगा। उन्होंने सरकार से अपील की है कि मादुरो की स्थिति को लेकर सच्चाई जनता के सामने रखी जाए, ताकि भ्रम और अफवाहों को रोका जा सके।
क्या दुनिया वर्ल्ड वॉर-3 की ओर बढ़ रही है?
राजनीतिक विश्लेषक इस घटनाक्रम को हाल के अन्य वैश्विक तनावों से जोड़कर देख रहे हैं। ताइवान–चीन तनाव, यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और अब वेनेज़ुएला को लेकर बढ़ती बयानबाज़ी, ये सभी घटनाएं दुनिया में बढ़ती अस्थिरता की ओर इशारा कर रही हैं।
हालांकि विशेषज्ञ ये भी कहते हैं कि इन्हें सीधे तौर पर वर्ल्ड वॉर-3 से जोड़ना जल्दबाज़ी होगी, लेकिन इतना तय है कि यदि बड़े देश कूटनीति की बजाय टकराव का रास्ता अपनाते हैं, तो वैश्विक शांति पर खतरा बढ़ सकता है।