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ईरान हमले पर अमेरिका में सियासी घमासान: ट्रंप और विदेश मंत्री के बयानों में विरोधाभास से उठे सवाल

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump अपनी बयानबाज़ी को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। ईरान पर की गई उनकी सैन्य कार्रवाई अब सवालों के घेरे में है। दरअसल, अमेरिका की मौजूदा सरकार में तालमेल की कमी के आरोप लग रहे हैं, क्योंकि ईरान पर हमले को लेकर ट्रंप का बयान उनके विदेश मंत्री के बयान से अलग नजर आता है। ऐसे में उनकी कार्रवाई पर सीधे तौर पर सवाल उठने लगे हैं।

समाचार एजेंसी Reuters की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने अमेरिकी सेना को ईरान पर इजराइल के साथ मिलकर कार्रवाई करने का आदेश इसलिए दिया क्योंकि उन्हें भरोसा था कि ईरान पहले हमला करने वाला है।

हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio का बयान इससे अलग था। रुबियो ने कहा कि अमेरिका को पहले कार्रवाई इसलिए करनी पड़ी क्योंकि इजराइल की संभावित सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना सकता था। उनका तर्क था कि यदि पहले कदम नहीं उठाया जाता, तो अमेरिका को ज्यादा नुकसान झेलना पड़ता।

दोनों बयानों के अंतर ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या इस पूरी रणनीति में इजराइल की भूमिका या उस पर किसी प्रकार का दबाव शामिल था।

ईरान के जवाबी हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है, और अब ट्रंप प्रशासन से उनकी रणनीति को लेकर जवाब मांगे जा रहे हैं।

समाचार एजेंसी Reuters के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ओवल ऑफिस में जर्मन चांसलर Friedrich Merz से मुलाकात के दौरान इन अटकलों को खारिज किया। ट्रंप ने कहा, “हो सकता है मैंने इजराइल पर दबाव डाला हो। बातचीत जारी थी, लेकिन मुझे भरोसा था कि अगर हमने पहले कदम नहीं उठाया, तो वे हमला कर देते।”

ट्रंप ने दावा किया कि यह फैसला अमेरिका की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया। उन्होंने अमेरिकी कार्रवाई को बिना किसी उकसावे की प्रतिक्रिया बताया और कहा कि यह कदम राष्ट्रीय हित में था।

सोशल मीडिया पर आलोचना

इस बयान के बाद ट्रंप को अपने ही समर्थक वर्ग से आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। कंजर्वेटिव पॉडकास्टर Matt Walsh ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि विदेश मंत्री के बयान से ऐसा प्रतीत होता है मानो अमेरिका इजराइल के दबाव में युद्ध में शामिल हुआ।

वहीं, पूर्व टीवी एंकर और पॉडकास्टर Megyn Kelly ने भी हमले के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी अपने नागरिकों की सुरक्षा है, न कि किसी दूसरे देश की लड़ाई लड़ना।

क्या है पूरा मामला?

गौरतलब है कि अमेरिका ने इजराइल के साथ मिलकर ईरान पर सैन्य कार्रवाई शुरू की थी। रिपोर्टों के अनुसार, इस हमले में ईरान के शीर्ष नेतृत्व को भारी नुकसान पहुंचा।

इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी और मिडिल ईस्ट में खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और इजराइल को निशाना बनाना शुरू कर दिया। क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और हालात गंभीर बने हुए हैं।

news desk

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