वाशिंगटन/तेहरान। एक तरफ जहां अमेरिका और ईरान के बीच पर्दे के पीछे शांति समझौते (Peace Treaty) को लेकर बेहद गंभीर बातचीत चल रही है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी मोर्चे पर दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है।
ईरान के सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि उनकी सेना ने परमाणु संयंत्र के लिए मशहूर बुशहर (Bushehr) शहर के पास एक अमेरिकी फाइटर जेट को मार गिराया है।
इस सनसनीखेज दावे के सामने आते ही अमेरिकी रक्षा मंत्रालय में हड़कंप मच गया, जिसके तुरंत बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) को आधिकारिक बयान जारी करना पड़ा।
US सेंटकॉम ने किया ‘फैक्ट चेक’, दावे को बताया सफेद झूठ
ईरान के दावों को सिरे से खारिज करते हुए अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक आधिकारिक ‘फैक्ट चेक’ पोस्ट साझा किया।
- सभी विमान सुरक्षित: सेंटकॉम ने अपने बयान में साफ कहा, “ईरान के सरकारी टीवी का यह दावा कि बुशहर के पास अमेरिकी फाइटर जेट गिराया गया है, पूरी तरह गलत और बेबुनियाद है। अमेरिका का कोई भी विमान क्रैश या टारगेट नहीं हुआ है। हमारे सभी एयर एसेट (Air Assets) पूरी तरह सुरक्षित हैं।”
ईरान का क्या है दावा? स्थानीय गवर्नर ने दी जानकारी
ईरानी मीडिया के मुताबिक, यह घटना गुरुवार (28 मई) रात की है। ईरान की प्रतिष्ठित न्यूज एजेंसी ‘तस्नीम’ ने जाम काउंटी के गवर्नर मसूद तंगस्तानी के हवाले से इस हमले की पुष्टि की है।
“बुशहर के जाम इलाके में हमारी एयर डिफेंस प्रणाली ने एक दुश्मन विमान (अमेरिकी फाइटर जेट) को सफलतापूर्वक ट्रैक करके नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई के बाद अब शहर में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और सामान्य है।” – मसूद तंगस्तानी, गवर्नर (जाम काउंटी)
एक तरफ बारूद, दूसरी तरफ 60 दिनों के सीजफायर का ‘ड्राफ्ट’
दिलचस्प बात यह है कि इस सैन्य टकराव के बीच दोनों देशों के राजनयिक एक बड़े शांति समझौते का खाका तैयार करने में जुटे हैं। सूत्रों के मुताबिक, वाशिंगटन में होने वाली अहम वार्ता से ठीक पहले एक ड्राफ्ट तैयार किया जा चुका है।
- 60 दिनों का सीजफायर: अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरान के वार्ताकार युद्धविराम (Ceasefire) को 60 दिनों के लिए आगे बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं।
- परमाणु वार्ता पर सहमति: ईरान इसके साथ ही ठप पड़ी परमाणु वार्ता (Nuclear Talks) को नए सिरे से शुरू करने के लिए भी राजी हुआ है।
- ट्रंप की मंजूरी का इंतजार: इस अस्थायी शांति समझौते के मसौदे को अंतिम रूप दे दिया गया है, और अब इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अंतिम मुहर और मंजूरी का इंतजार है।
अब देखना यह होगा कि बुशहर के आसमान में उपजे इस नए विवाद का असर वाशिंगटन में होने वाली इस महा-वार्ता पर क्या पड़ता है।
