उत्तर प्रदेश एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) की बरेली यूनिट ने गुरुवार को एक बड़ी सफलता हासिल की है. सात साल से फरार चल रहे और 2 लाख रुपये के इनामी अपराधी सुमित चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया है.वह नेपाल भागने की कोशिश में था, लेकिन STF ने उसे भारत-नेपाल सीमा के पास दबोच लिया.
कौन है सुमित चौधरी?
सुमित, मुरादाबाद जिले के हजरतगढ़ी थाना क्षेत्र का निवासी है.वह वर्ष 2015 में एक ब्लॉक प्रमुख की हत्या के मामले में जेल में बंद था.उस पर आरोप है कि उसने 23 फरवरी 2015 को कोर्ट में पेशी के दौरान, पुलिस कस्टडी में मौजूद योगेंद्र सिंह उर्फ भूरा को सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की कचहरी में गोलियों से भून दिया था.योगेंद्र, डिलारी के गांव हिमायूपुर का रहने वाला और पूर्व ब्लॉक प्रमुख था
जेल से फरारी की पूरी कहानी:
हत्या के मामले में सुमित को पहले मुरादाबाद जेल में रखा गया था.सितंबर 2015 में उसे बदायूं जेल शिफ्ट किया गया.फिर 12 मई 2018 को सुमित ने कुख्यात बदमाश चंदन की मदद से रस्सियों के सहारे जेल की दीवार फांदकर भागने में कामयाबी पा ली.चंदन भागने में नाकाम रहा और गिरकर घायल हो गया, लेकिन सुमित बच निकला.
कैसे पकड़ में आया?
फरारी के दौरान सुमित बेहद सतर्क रहा.वह मोबाइल फोन का इस्तेमाल बहुत कम करता था, जिससे वह सर्विलांस के रडार से बचा रहा.उसने नेपाल और भारत के कई राज्यों में छिपकर समय बिताया।
TF के ASP अब्दुल कादिर के अनुसार, हाल ही में जानकारी मिली कि वह पीलीभीत और टनकपुर के रास्ते फिर से नेपाल भागने की कोशिश में है.इसी सूचना के आधार पर STF की टीम ने नेपाल सीमा के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया.
गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई:
STF की टीम ने उसे तुरंत बदायूं ले जाकर सिविल लाइंस थाना में पेश किया.कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे फिर से जेल भेज दिया गया है।
इनामी घोषित क्यों किया गया था?
सुमित की गिरफ्तारी पर एडीजी क्राइम ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था.उसकी लंबे समय से तलाश जारी थी, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लग रहा था.
यह गिरफ्तारी बरेली जोन में STF की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, क्योंकि सुमित चौधरी इलाके का एक खतरनाक और शातिर अपराधी रहा है, जो कई सालों से कानून की पकड़ से बाहर था.