उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्सों में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का प्रकोप लगातार बना हुआ है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, राज्य के कई जिलों में शीतलहर की स्थिति से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। राजधानी लखनऊ में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता घटकर मात्र 0.5 किलोमीटर रह गई। इसका सीधा असर सड़क, रेल और हवाई यातायात पर पड़ा, जबकि ठंड से बचने के लिए लोगों को अलाव का सहारा लेना पड़ा।
घना कोहरा और शीतलहर से यातायात प्रभावित
पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में घना से बहुत घना कोहरा देखा जा रहा है। आईएमडी ने 3 से 4 जनवरी तक डेंस फॉग अलर्ट जारी किया है, जिसमें दृश्यता 100 से 200 मीटर तक सिमटने की चेतावनी दी गई है। कई जिलों में न्यूनतम तापमान 6 से 13 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 18 से 21 डिग्री के आसपास रहा। बाराबंकी और हरदोई जैसे जिलों में तापमान 6 डिग्री तक गिर गया है, जिससे शीतलहर और गंभीर हो गई। कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, आगरा और मुरादाबाद में भी कोहरे की मोटी चादर छाई रही, जिसके चलते उत्तर भारत से आने वाली कई ट्रेनें 3 से 10 घंटे तक देरी से चल रही हैं और कुछ उड़ानों पर भी असर पड़ा है।
लखनऊ में हालात गंभीर, आगे भी राहत के आसार कम
लखनऊ में 3 जनवरी की सुबह घने कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम रही। यहां तापमान लगभग 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, आर्द्रता 94-100 प्रतिशत के करीब रही और हवा की गति 7 से 9 किलोमीटर प्रति घंटा रही। आईएमडी का अनुमान है कि दिन में अधिकतम तापमान 18 से 21 डिग्री तक पहुंच सकता है, जबकि रात में यह 9 से 10 डिग्री तक गिर सकता है। दोपहर बाद मौसम कुछ हद तक साफ होने की संभावना है, लेकिन शाम के समय फिर ठंडी हवाएं चल सकती हैं। लगातार जारी शीतलहर के कारण शहर में यातायात की रफ्तार धीमी पड़ गई है और हाईवे पर वाहन सावधानी से चलते नजर आ रहे हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक, 5 से 9 जनवरी तक पूर्वी यूपी में कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है, जबकि पश्चिमी यूपी में 3 से 6 जनवरी तक शीतलहर का असर जारी रहेगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यात्रा से पहले मौसम अपडेट जरूर देखें और ठंड से बचाव के पूरे इंतजाम करें। ठंड से प्रभावित गरीबों और बेघरों के लिए राहत शिविर भी लगाए जा रहे हैं। फिलहाल अगले कुछ दिनों तक सतर्कता बरतना जरूरी माना जा रहा है।