उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में बुधवार (18 फरवरी 2026) की शाम एक अंडर-13 क्रिकेट मैच अचानक डरावने हादसे में बदल गया। शुक्लागंज के सप्रू मैदान (राहुल सप्रू ग्राउंड) में केडीएमए लीग के तहत मुकाबला चल रहा था। बच्चे खेल में मशगूल थे, तभी अचानक मधुमक्खियों का एक बड़ा झुंड मैदान पर उतर आया और कुछ ही पलों में पूरा माहौल अफरा-तफरी में बदल गया।
लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। किसी ने बाथरूम में शरण ली, तो कोई मैदान से बाहर की ओर दौड़ा। लेकिन इस भगदड़ के बीच कानपुर क्रिकेट एसोसिएशन (KCA) के वरिष्ठ अंपायर 65 वर्षीय माणिक गुप्ता खुद को नहीं बचा सके।
मैदान में मचा हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मधुमक्खियों ने खिलाड़ियों, अंपायरों और दर्शकों पर एक साथ हमला कर दिया। सफेद कपड़ों में मौजूद माणिक गुप्ता पर झुंड खास तौर पर टूट पड़ा। बताया जा रहा है कि वे करीब 10 मिनट तक मधुमक्खियों से घिरे रहे और उन्हें 50 से अधिक डंक लगे।
आखिरकार वे मैदान पर ही गिर पड़े और बेहोश हो गए। तुरंत उन्हें शुक्लागंज के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। हालत बिगड़ने पर कानपुर के हैलट अस्पताल और फिर लक्ष्मीपत सिंहानिया इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल पहुंचने तक भी कुछ मधुमक्खियां उनके शरीर से चिपकी हुई थीं।
कई खिलाड़ी घायल, खेल जगत में शोक
इस हमले में दूसरे अंपायर जगदीश शर्मा समेत 15-20 खिलाड़ी घायल हुए हैं, जिनमें ज्यादातर बच्चे बताए जा रहे हैं। सभी को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अधिकतर की हालत स्थिर है, हालांकि कुछ को गंभीर डंक लगे हैं।
कानपुर क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष एस.एन. सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए गहरा शोक जताया। माणिक गुप्ता लगभग तीन दशकों से क्रिकेट से जुड़े थे और एक अनुभवी अंपायर के रूप में सम्मानित थे। वे अपने पीछे पत्नी और चार बेटियां छोड़ गए हैं।
यह हादसा खेल आयोजकों के लिए बड़ा सबक बनकर सामने आया है। खुले मैदानों में आयोजित मैचों के दौरान प्राकृतिक खतरों को लेकर सतर्कता कितनी जरूरी है, यह घटना उसकी कड़वी याद दिलाती है। पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है, जबकि उन्नाव और कानपुर के क्रिकेट प्रेमियों में शोक की लहर है।