देवभूमि कहे जाने वाले हिमाचल प्रदेश में इन दिनों चिट्टा नामक नशे ने लोगों की जिंदगी पर गंभीर संकट खड़ा कर दिया है. इसके प्रभाव से समाज लगातार प्रभावित हो रहा है. ऐसे में हिमाचल सरकार नशे के काले कारोबार पर नकेल कसने के लिए लगातार कदम उठा रही है.
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने धर्मशाला में नशे के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जनता को जागरूक करने के लिए अभियान की शुरुआत की है.
प्रदेश में चिट्टा के खिलाफ यह प्रयास अब एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है.सोमवार को धर्मशाला में हजारों युवा और आम नागरिक सड़कों पर उतरकर नशे के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं। सरकार का उद्देश्य है कि लोगों को जल्द ही नशे की चपेट से मुक्त किया जाए.
इस अभियान के तहत मुख्यमंत्री सुक्खू ने धर्मशाला में 2200 मीटर की दौड़ का आयोजन किया, जिसमें हजारों युवाओं ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखना और उन्हें स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है।
प्रदेश सरकार ने नशे के खिलाफ तीन प्रमुख पहलों की शुरुआत की है
जागरूकता अभियान: नशे के खतरों को लेकर लोगों में व्यापक जागरूकता फैलाना.
कानूनी कार्रवाई और सख्ती: नशा माफिया पर कड़ी कार्रवाई करना और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सशक्त बनाना.
पुनर्वास कार्यक्रम: चिट्टे की चपेट में आए बच्चों का सुरक्षित पुनर्वास सुनिश्चित करना.
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