कीव: रूस-यूक्रेन युद्ध में अब रोबोट सैनिकों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। यूक्रेन ने दावा किया है कि उसके एक मानवरहित जमीनी वाहन ने एक अभियान के दौरान 20 रूसी सैनिकों को मार गिराया। यह कार्रवाई उस समय की गई, जब रूसी सैनिक एक इमारत के भीतर पनाह लिए हुए थे। यूक्रेनी रक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी डेवड्राएड के मुताबिक, इस अभियान में TW-12.7 मानवरहित जमीनी वाहन का इस्तेमाल किया गया था, जिसे यूक्रेन की 44वीं अलग मैकेनाइज्ड ब्रिगेड के सैनिक संचालित कर रहे थे।
यूक्रेनी सेना युद्ध के दौरान ऐसे मानवरहित जमीनी तंत्र का इस्तेमाल बढ़ा रही है, ताकि सैनिकों को सीधे गोलीबारी के बीच भेजे बिना अग्रिम मोर्चे पर अभियान चलाए जा सकें। कंपनी के अनुसार, संबंधित अभियान में रोबोट वाहन को पहले दूर से इमारत की ओर भेजा गया और उसके बाद उस पर 12.7 मिलीमीटर की M2 ब्राउनिंग भारी मशीनगन का इस्तेमाल किया गया।
यूक्रेनी ऑपरेटरों ने मानवरहित वाहन को दूर से नियंत्रित करते हुए उस स्थान तक पहुंचाया, जहां रूसी सैनिकों के छिपे होने का दावा किया गया था। इसके बाद वाहन पर लगी भारी मशीनगन से कार्रवाई की गई।
डेवड्राएड ने दावा किया कि इस कार्रवाई में रूसी सैनिकों की स्थिति को निशाना बनाया गया और लड़ाई के दौरान 20 रूसी सैनिक मारे गए। हालांकि, यह आंकड़ा यूक्रेनी पक्ष के दावे पर आधारित है।
TW-12.7 को बहुउद्देश्यीय लड़ाकू और निगरानी मंच के तौर पर तैयार किया गया है। इसे अग्रिम मोर्चे के नजदीक ऐसे इलाकों में इस्तेमाल करने के लिए बनाया गया है, जहां सैनिकों के लिए सीधे पहुंचना जोखिम भरा हो सकता है।
इस मानवरहित वाहन में कैमरे और अन्य प्रणालियां लगी होती हैं, जिनकी मदद से दूर बैठे ऑपरेटर युद्धक्षेत्र की स्थिति पर नजर रख सकते हैं। इसका इस्तेमाल निगरानी, जानकारी जुटाने और लड़ाकू अभियानों में सहायता के लिए किया जा सकता है।
TW-12.7 में बैलिस्टिक कंप्यूटर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सुविधाएं भी बताई गई हैं। इन तकनीकों का उद्देश्य लक्ष्य की पहचान और कार्रवाई में ऑपरेटरों की सहायता करना है।
इस तरह के मानवरहित सिस्टम युद्ध के मैदान में सैनिकों की भूमिका को बदल रहे हैं। इन्हें ऐसे अभियानों में आगे भेजा जा सकता है, जहां सैनिकों के सीधे पहुंचने पर जान का खतरा अधिक हो।
यूक्रेन ने अपने सैनिकों को सहायता देने और कुछ जोखिमपूर्ण भूमिकाओं में उनकी जगह लेने के लिए बड़े पैमाने पर लड़ाकू रोबोट तैयार करने की योजना बनाई है। यूक्रेन का लक्ष्य कम से कम 50,000 लड़ाकू रोबोट बनाने का है।
रूस-यूक्रेन युद्ध में ड्रोन के साथ-साथ मानवरहित जमीनी वाहनों का इस्तेमाल भी लगातार बढ़ रहा है। पिछले महीने सामने आए एक वीडियो में भी दावा किया गया था कि रूसी सैनिकों ने रोबोट और ड्रोन से बने यूक्रेनी दल के सामने आत्मसमर्पण किया था। इससे संकेत मिलता है कि आधुनिक युद्ध में अब सिर्फ सैनिक और पारंपरिक हथियार ही नहीं, बल्कि दूर से संचालित मशीनें भी अहम भूमिका निभा रही हैं।
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