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क्या आप भी रात में सिरहाने मोबाइल रखकर सोते हैं? आज ही बदलें ये आदत, नींद से लेकर सेहत तक पर पड़ सकता है असर

नई दिल्ली: रात में सोने से पहले मोबाइल चलाना और फिर उसे सिरहाने या तकिए के पास रखकर सो जाना आजकल बेहद आम आदत बन चुकी है। कई लोग फोन को अलार्म के लिए पास रखते हैं, तो कुछ की आदत रात में नींद खुलते ही स्क्रीन देखने की होती है। लेकिन लगातार ऐसा करने से नींद का पैटर्न बिगड़ सकता है और शारीरिक व मानसिक सेहत पर भी असर पड़ सकता है।

सबसे पहले बिगड़ सकती है आपकी नींद

रात में मोबाइल पास रखने से नींद पर सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है। कॉल, संदेश और दूसरे अलर्ट बार-बार आपका ध्यान फोन की ओर खींच सकते हैं। कई बार कोई सूचना न आने के बावजूद लोग आदतन फोन उठाकर सामाजिक माध्यम देखने लगते हैं। इससे सोने में देरी होती है और नींद का नियमित चक्र प्रभावित हो सकता है।

अगर यह आदत रोजाना बनी रहे तो सुबह उठने पर थकान, सुस्ती और चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है। इसलिए रात में समय पर सोने और सुबह समय पर उठने के लिए सोने का एक नियमित समय तय करना बेहतर है।

सोने से पहले लंबे समय तक फोन चलाना पड़ सकता है भारी

बिस्तर पर जाने के बाद लंबे समय तक मोबाइल चलाने से दिमाग को आराम देने में परेशानी हो सकती है। लगातार वीडियो देखने, सामाजिक माध्यम चलाने या बातचीत में व्यस्त रहने से सोने का समय आगे खिसकता जाता है।

लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों पर भी दबाव पड़ सकता है और नींद प्रभावित हो सकती है। अगर फोन चलाते समय समय का ध्यान नहीं रहता, तो स्क्रीन समय की सीमा तय करने वाली सुविधा का इस्तेमाल किया जा सकता है। तय समय का संकेत मिलते ही फोन अलग रख देना इस आदत को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।

तकिए के नीचे मोबाइल रखना क्यों है गलत?

मोबाइल को तकिए या कंबल के नीचे रखकर सोने से बचना चाहिए। खासकर चार्जिंग के दौरान फोन को ढककर रखने पर उसके आसपास गर्मी जमा हो सकती है। इससे उपकरण और उसकी बैटरी के अधिक गर्म होने का खतरा बढ़ सकता है।

इसलिए चार्जिंग के समय फोन को तकिए, कंबल या बिस्तर के नीचे रखने के बजाय खुली और सुरक्षित जगह पर रखना बेहतर है। रात में फोन पास रखने की आदत के साथ सिरदर्द, नींद में परेशानी या थकान जैसी दिक्कतें महसूस हों तो विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहेगा।

रात में मोबाइल कहां रखना बेहतर है?

सोते समय मोबाइल को सिर से कुछ दूरी पर टेबल या कमरे की किसी सुरक्षित जगह पर रखा जा सकता है। जरूरी न हो तो इसे शांत या ‘परेशान न करें’ वाले विकल्प पर रखने से बार-बार आने वाले अलर्ट से नींद टूटने की संभावना कम हो सकती है।

अगर सुबह अलार्म के लिए फोन का इस्तेमाल करते हैं तो उसे बिस्तर से थोड़ी दूरी पर रखें, ताकि अलार्म बंद करने के लिए आपको उठना पड़े। इससे रात में बार-बार मोबाइल देखने की आदत को कम करने में भी मदद मिल सकती है।

vineet verma

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