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राम मंदिर दान विवाद पर उद्धव ठाकरे का बीजेपी पर बड़ा हमला, बोले- ‘अयोध्या अगर झांकी थी, तो काशी-मथुरा का क्या होगा?’

नई दिल्ली: अयोध्या राम मंदिर में दानराशि की कथित चोरी को लेकर जारी विवाद के बीच शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यदि कोई हिंदुत्व के नाम पर मंदिरों की आस्था के साथ खिलवाड़ करता है, तो हिंदू समाज उसे कभी माफ नहीं करेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर अयोध्या केवल एक झलक थी, तो काशी और मथुरा के साथ क्या होगा, यह सोचकर चिंता होती है।

‘हिंदुत्व के नाम पर मंदिरों को लूटने वालों को जनता जवाब देगी’

उद्धव ठाकरे ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन में शिवसेना और उसके कार्यकर्ताओं की बड़ी भूमिका रही है। उनके अनुसार, शिवसैनिकों ने शिला पूजन, रथ यात्रा और कारसेवा जैसे आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी निभाई थी। उन्होंने कहा कि उस दौर में कई कारसेवकों ने बलिदान दिया और मुंबई सहित कई शहरों ने कठिन परिस्थितियों का सामना किया। उन्होंने दावा किया कि उस समय बालासाहेब ठाकरे हिंदुओं के साथ मजबूती से खड़े रहे थे।

उन्होंने कहा कि यदि हिंदुत्व का इस्तेमाल कर मंदिरों से जुड़े मामलों में भ्रष्टाचार किया जाता है, तो श्रद्धालु ऐसे लोगों को कभी स्वीकार नहीं करेंगे।

‘जिसके लिए संघर्ष किया, वही शिवसेना को खत्म करने में जुट गया’

शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख ने कहा कि वर्षों के संघर्ष के बाद जिस नेतृत्व को देश की सत्ता मिली, उसी ने बाद में शिवसेना को कमजोर करने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी को खत्म करने और संगठन को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।

‘अयोध्या झांकी थी तो काशी-मथुरा का क्या होगा?’

बीजेपी के पुराने नारे ‘अयोध्या तो बस झांकी थी, काशी-मथुरा बाकी है’ का उल्लेख करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर अयोध्या सिर्फ एक झलक थी, तो काशी और मथुरा के साथ क्या होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिरों से जुड़े मामलों में लगातार विवाद सामने आ रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि अलग-अलग धार्मिक स्थलों से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के आरोप पहले भी सामने आते रहे हैं और इन मामलों को लेकर कई धार्मिक हस्तियों ने भी चिंता जताई है।

‘हिंदुत्व की मूल भावना को फिर मजबूत करना होगा’

उद्धव ठाकरे ने कहा कि वह उसी हिंदुत्व की बात करते हैं, जो समाज को जोड़ने और आस्था की रक्षा करने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि रामभक्त अपनी आस्था के लिए हर परिस्थिति में खड़े रहते हैं और उनकी भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।

उन्होंने अपनी पार्टी के चुनाव चिह्न और राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है और अन्याय के खिलाफ उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।

 

vineet verma

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