अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दूसरा कार्यकाल पूरा हो पाएगा या नहीं इसे लेकर इन दिनों राजनीतिक और सोशल मीडिया हलकों में चर्चाएं तेज़ हैं।
वैश्विक स्तर पर आक्रामक रुख, घरेलू नीतियों पर विरोध और अंतरराष्ट्रीय तनावों के बीच यह सवाल बार-बार उठ रहा है कि क्या ट्रंप आने वाले चार वर्षों तक सत्ता में बने रह पाएंगे।
साल 2026 की शुरुआत से ही ट्रंप प्रशासन की नीतियां लगातार विवादों में रही हैं। ईरान, वेनेजुएला और मिडिल ईस्ट को लेकर उनके सख्त बयान और कूटनीतिक दबाव ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बेचैनी पैदा की है। वहीं, अमेरिका के भीतर भी ट्रंप को टैरिफ, अप्रवासन नीति और आर्थिक फैसलों को लेकर तीखे विरोध का सामना करना पड़ रहा है। कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं और विपक्षी दलों के साथ-साथ कुछ सांसदों ने भी प्रशासन की आलोचना की है।
अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप की बयानबाज़ी ने अमेरिका और डेनमार्क के रिश्तों में तनाव बढ़ाया है। डेनमार्क ने साफ कहा है कि वह अपनी संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा। इन घटनाक्रमों के चलते नाटो और पश्चिमी देशों के भीतर भी असहजता देखी जा रही है।
इस पूरे राजनीतिक माहौल के बीच सोशल मीडिया पर कुछ लोग ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी ट्रंप के भविष्य को लेकर अटकलें लगा रहे हैं। ज्योतिषियों का दावा है कि ग्रहों की मौजूदा स्थिति ट्रंप को आक्रामक फैसलों की ओर ले जा सकती है, जो उनके लिए राजनीतिक रूप से जोखिम भरे साबित हो सकते हैं। हालांकि, ऐसे दावों का कोई वैज्ञानिक या संवैधानिक आधार नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का भविष्य पूरी तरह अमेरिकी लोकतांत्रिक संस्थाओं, कांग्रेस, न्यायपालिका और जनमत पर निर्भर करेगा। फिलहाल यह कहना जल्दबाज़ी होगी कि उनका कार्यकाल अधूरा रह जाएगा, लेकिन यह तय है कि आने वाला समय ट्रंप प्रशासन के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण दौर साबित हो सकता है।
डोनाल्ड ट्रंप का जन्म 14 जून 1946 को सिंह लग्न में हुआ था। फिलहाल वे गुरु की महादशा में हैं, लेकिन ज्योतिष के अनुसार 2026 से शुक्र की अंतर्दशा उनके लिए मुश्किलें बढ़ा सकती है। गुरु–शुक्र को परस्पर शत्रु ग्रह माना जाता है और ट्रंप की कुंडली में शुक्र मारक भावों का स्वामी है, जो कानूनी संकट, सत्ता से जुड़े झटके और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के संकेत देता है।
2026 में शनि का मीन राशि में गोचर ट्रंप की कुंडली के अष्टम भाव को सक्रिय करेगा, जिसे अचानक बदलाव और संकट से जोड़ा जाता है। वहीं लग्न में केतु और सप्तम भाव में राहु का प्रभाव मानसिक दबाव और आक्रामक, अप्रत्याशित फैसलों की आशंका बढ़ाता है।
ज्योतिषीय संकेतों के मुताबिक 2026 ट्रंप के लिए राजनीतिक और व्यक्तिगत रूप से चुनौतीपूर्ण वर्ष हो सकता है, हालांकि वास्तविक परिणाम परिस्थितियों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निर्भर करेंगे।
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