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मार-ए-लागो में ट्रंप–जेलेंस्की मीटिंग से जगी शांति की आस, लेकिन पुतिन से फोन कॉल ने क्यों बढ़ा दी कीव की चिंता?

यूक्रेन युद्ध को लेकर एक बार फिर उम्मीद की किरण दिखाई दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के बीच 28 दिसंबर 2025 को फ्लोरिडा के मार-ए-लागो में हुई बैठक के बाद शांति समझौते की संभावनाएं मजबूत होती दिख रही हैं। संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों नेताओं ने कहा कि बातचीत में “बड़ी प्रगति” हुई है और वे समझौते के काफी करीब पहुंच चुके हैं, हालांकि कुछ अहम और संवेदनशील मुद्दे अब भी सुलझने बाकी हैं।

शांति समझौते पर बनी सहमति, लेकिन जमीन और सुरक्षा पर फंसा पेंच

बैठक के बाद ट्रंप ने कहा कि युद्ध खत्म करने को लेकर गंभीर बातचीत हुई है और रूस भी समाधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने ऊर्जा और संसाधनों के मसले पर उदारता दिखाई है। ट्रंप ने संकेत दिए कि अगर हालात अनुकूल रहे तो कुछ ही हफ्तों में समझौता हो सकता है और पुतिन, जेलेंस्की और उनके बीच त्रिपक्षीय बैठक भी संभव है। वहीं जेलेंस्की ने अपनी 20-पॉइंट शांति योजना का हवाला देते हुए कहा कि करीब 90 फीसदी मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अमेरिका-यूक्रेन सुरक्षा गारंटी पर पूरी सहमति है और यूरोपीय व अमेरिकी सुरक्षा गारंटी लगभग अंतिम दौर में हैं।

रूस से बातचीत, हवाई हमले और आगे की राह

हालांकि, इस मुलाकात से पहले ट्रंप की रूसी राष्ट्रपति पुतिन से फोन पर बातचीत ने यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल की चिंता बढ़ा दी थी। प्रस्तावित योजना में मौजूदा फ्रंटलाइन पर युद्धविराम, यूक्रेन की NATO सदस्यता पर कोई कानूनी रोक न लगाना और रूसी कब्जे वाले इलाकों से यूक्रेनी सेना की वापसी की मांग को हटाना शामिल है, लेकिन क्षेत्रीय दावों का मुद्दा अब भी अनसुलझा है। यह बैठक ऐसे समय हुई जब रूस ने यूक्रेन पर बड़े हवाई हमले किए थे, जिससे शांति वार्ता की जटिलता साफ नजर आई।

ट्रंप ने किसी तय समयसीमा का ऐलान नहीं किया और कहा कि समझौता होगा या नहीं, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी। इसके बावजूद दोनों नेताओं ने बातचीत को “शानदार” और “उत्पादक” बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रगति सकारात्मक जरूर है, लेकिन किसी भी गलत गणना से हालात फिर बिगड़ सकते हैं। इसी बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने जनवरी में पेरिस में यूक्रेन के सहयोगी देशों की बैठक बुलाने की घोषणा की है, जहां सुरक्षा गारंटी और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।

news desk

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