अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को कड़ा संदेश दिया है। सोमवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने साफ कहा कि अगर ईरान ने Strait of Hormuz में तेल के प्रवाह को रोकने की कोशिश की, तो अमेरिका अब तक के हमलों से 20 गुना ज्यादा ताकत से जवाब देगा।
ट्रंप ने इस संभावित कदम को चीन और अन्य देशों के लिए “उपहार” बताया, क्योंकि दुनिया के कई बड़े देश इस समुद्री मार्ग के जरिए तेल आयात करते हैं।
ट्रंप बोले—ईरान ने कदम उठाया तो बरसेगी आग
अपनी पोस्ट में ट्रंप ने बेहद कड़ा रुख दिखाते हुए लिखा कि अगर ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तेल के प्रवाह को रोकने की कोई कोशिश की, तो अमेरिकी सेना अब तक के हमलों से कई गुना तेज और घातक जवाब देगी। उन्होंने यहां तक कहा कि अमेरिका ऐसे ठिकानों को भी तबाह कर देगा जिन्हें नष्ट करने के बाद ईरान का एक राष्ट्र के रूप में फिर से खड़ा होना लगभग असंभव हो जाएगा।

ट्रंप ने कहा कि “उन पर मौत, आग और कहर बरसेगा”, हालांकि साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वे उम्मीद और प्रार्थना करते हैं कि ऐसी स्थिति पैदा न हो। ट्रंप की यह पोस्ट 9 मार्च 2026 को अमेरिकी समय के अनुसार रात करीब 8:30 बजे डाली गई थी।
हॉर्मुज में फंसे 200 से ज्यादा जहाज, भारतीय जहाज भी शामिल
तनाव का असर अब समुद्री व्यापार पर साफ दिखने लगा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास का इलाका लगभग जाम हो गया है। कम से कम 200 जहाज, जिनमें तेल टैंकर, एलएनजी कैरियर और कार्गो जहाज शामिल हैं, तट के पास लंगर डाले खड़े हैं।
इनमें भारत के भी कई जहाज फंसे हुए हैं। जानकारी के मुताबिक करीब 23 हजार भारतीय समुद्री कर्मी इस संवेदनशील इलाके में मौजूद हैं, जिससे भारत की चिंता बढ़ गई है। भारत सरकार स्थिति पर नजर रख रही है और जरूरत पड़ने पर भारतीय नौसेना को तैनात कर जहाजों को सुरक्षित निकालने पर विचार कर रही है।
इस बीच ईरान की सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps ने दावा किया है कि जलडमरूमध्य पर उसका “पूरा नियंत्रण” है और अमेरिका या इजरायल से जुड़े जहाजों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
तेल बाजार में हलचल, कीमतों में गिरावट
ट्रंप की चेतावनी के बाद वैश्विक तेल बाजार में भी बड़ा असर देखा गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude की कीमत करीब 10 प्रतिशत तक गिर गई, क्योंकि निवेशकों को डर है कि अगर संघर्ष बढ़ा तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की करीब 20% तेल सप्लाई का रास्ता है। अगर यह मार्ग बंद होता है तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है।
फिलहाल ज्यादातर देशों ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है। हालांकि यूरोपीय नेताओं ने मध्य पूर्व के हालात पर चर्चा जरूर की है, लेकिन हॉर्मुज को लेकर कोई सीधी टिप्पणी नहीं की गई।