ट्रंप मादुरो गिरफ्तारी दावा रूस प्रतिक्रिया
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को “पकड़े जाने” से जुड़े दावों ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। इस बयान के बाद रूस के विदेश मंत्रालय ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि मॉस्को इस पूरे घटनाक्रम को लेकर “बेहद चिंतित” है। रूस ने मादुरो से जुड़ी स्थिति को लेकर तुरंत और स्पष्ट जानकारी सामने लाने की मांग की है।
रूसी विदेश मंत्रालय का कहना है कि इस तरह के दावे बिना आधिकारिक पुष्टि के वैश्विक अस्थिरता को बढ़ा सकते हैं। रूस ने साफ किया है कि वेनेज़ुएला की स्वतंत्रता और वहां की संवैधानिक व्यवस्था में किसी भी तरह का बाहरी हस्तक्षेप अस्वीकार्य है।
वेनेज़ुएला के मौजूदा हालात ?
वेनेज़ुएला में इस वक्त राजनीतिक और आर्थिक हालात पहले से ही बेहद नाज़ुक बने हुए हैं। महंगाई, बेरोज़गारी और संसाधनों की कमी से जनता परेशान है। ट्रंप के दावे सामने आने के बाद राजधानी कराकस सहित कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। हालांकि वेनेज़ुएला सरकार की ओर से मादुरो के “पकड़े जाने” संबंधी दावों को सिरे से खारिज किया गया है और इसे राजनीतिक अफवाह बताया गया है।
सरकार समर्थकों का कहना है कि ये बयान वेनेज़ुएला में अस्थिरता फैलाने और अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने की एक रणनीति हो सकती है।
विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया
वेनेज़ुएला के विपक्षी नेताओं ने घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि देश इस समय एक बेहद नाज़ुक दौर से गुजर रहा है और ऐसे हालात में राजनीतिक स्थिरता बनाए रखना सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि वे देश और जनता के हित में हर तरह की ज़िम्मेदारी उठाने को तैयार हैं।
विपक्ष ने साफ किया कि अगर सत्ता में किसी भी तरह का शून्य या असमंजस पैदा होता है, तो वेनेज़ुएला को संभालने और हालात को नियंत्रण में रखने की पूरी ज़िम्मेदारी विपक्ष निभाएगा। उन्होंने सरकार से अपील की है कि मादुरो की स्थिति को लेकर सच्चाई जनता के सामने रखी जाए, ताकि भ्रम और अफवाहों को रोका जा सके।
क्या दुनिया वर्ल्ड वॉर-3 की ओर बढ़ रही है?
राजनीतिक विश्लेषक इस घटनाक्रम को हाल के अन्य वैश्विक तनावों से जोड़कर देख रहे हैं। ताइवान–चीन तनाव, यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष और अब वेनेज़ुएला को लेकर बढ़ती बयानबाज़ी, ये सभी घटनाएं दुनिया में बढ़ती अस्थिरता की ओर इशारा कर रही हैं।
हालांकि विशेषज्ञ ये भी कहते हैं कि इन्हें सीधे तौर पर वर्ल्ड वॉर-3 से जोड़ना जल्दबाज़ी होगी, लेकिन इतना तय है कि यदि बड़े देश कूटनीति की बजाय टकराव का रास्ता अपनाते हैं, तो वैश्विक शांति पर खतरा बढ़ सकता है।
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