Trending News

अगर ट्रंप ने किया ईरान पर हमला तो क्या इज़राइल चुकाएगा कीमत?  तेहरान ने दिखाया खैबर मिसाइलों का डर

तेहरान/ तेल अवीव : डिजिटल दौर में वैश्विक राजनीति एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर खड़ी दिख रही है। ईरान के भीतर भड़के विरोध प्रदर्शन, अमेरिका की सख्त बयानबाज़ी और इज़राइल की बढ़ती सतर्कता—तीनों मिलकर मध्य पूर्व को एक बार फिर युद्ध के मुहाने पर ले आते नजर आ रहे हैं। इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कहा है कि उनका देश ईरान की स्थिति पर “करीबी नजर” बनाए हुए है, क्योंकि अगर हालात बेकाबू हुए तो यह सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं रहेगा।

ईरान के विरोध प्रदर्शन और इज़राइल की चिंता

रविवार को साप्ताहिक कैबिनेट बैठक में नेतन्याहू ने ईरानी जनता के साहस की तारीफ करते हुए कहा कि पूरी दुनिया ईरान के नागरिकों के हौसले को देख रही है। उन्होंने नागरिकों की हत्याओं की निंदा की और यह उम्मीद भी जताई कि जब ईरान “तानाशाही के जुए से आज़ाद” होगा, तब इज़राइल और ईरान के रिश्ते दोबारा पटरी पर आ सकते हैं। हालांकि ज़मीनी सच्चाई यह है कि ईरान के कई शहरों में हालात तनावपूर्ण हैं और सरकार विरोधी आवाज़ें लगातार तेज़ हो रही हैं।

अमेरिका-इज़राइल की बातचीत और युद्ध की आहट

इसी बीच नेतन्याहू और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसमें ईरान समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इज़राइली सेना ने फिलहाल कोई नया अलर्ट जारी नहीं किया है और न ही नागरिकों को बंकरों के पास रहने जैसी हिदायत दी गई है। IDF का कहना है कि ईरान में विरोध प्रदर्शन उसका आंतरिक मामला है, लेकिन जरूरत पड़ी तो जवाब “पूरी ताकत” से दिया जाएगा। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस वक्त ईरान की प्राथमिकता इज़राइल से सीधी लड़ाई नहीं, बल्कि देश के अंदर हालात को काबू में करना है।

अमेरिकी हमले का जवाब और ‘खैबर मिसाइल’ का डर

लेकिन असली चिंता यहां से शुरू होती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अगर अमेरिका ईरान पर सीधा हमला करता है, तो उसका जवाब “भयावह” हो सकता है। दावा किया जा रहा है कि ईरान जवाबी कार्रवाई में इज़राइल पर 500 ‘खैबर’ मिसाइलें दाग सकता है। इन मिसाइलों की रेंज करीब 2000 किलोमीटर बताई जा रही है, वॉरहेड का वज़न लगभग 1.5 टन हो सकता है और इनमें स्प्लिट वॉरहेड का विकल्प भी मौजूद है, यानी एक मिसाइल कई हिस्सों में बंटकर अलग-अलग लक्ष्यों को निशाना बना सकती है। साफ शब्दों में कहें तो अगर #Trump हमला करता है, तो उसका “भुगतान” #Netanyahu को चुकाना पड़ सकता है। माना जा रहा है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला #Khamenei अगले चरण की पूरी तैयारी करके बैठे हैं।

ईरान की मिसाइल ताकत और इज़राइल की चुनौती

मध्य पूर्व में ईरान और इज़राइल के बीच तनाव लंबे समय से चला आ रहा है, लेकिन 2025 के युद्ध के बाद यह और गहरा हो गया। जून 2025 में ईरान ने इज़राइल पर 500 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिससे इज़राइल की एयर डिफेंस सिस्टम पर भारी दबाव पड़ा। 2026 की शुरुआत तक के अनुमानों के मुताबिक ईरान के पास करीब 2,000 बैलिस्टिक मिसाइलें हैं। इनमें शाहाब-3, गदर, सेजिल-2, खैबर शेकन और फतह जैसी मिसाइलें शामिल हैं, जो इज़राइल तक मार करने में सक्षम हैं। हालांकि आयरन डोम, डेविड्स स्लिंग और एरो जैसी इज़राइली रक्षा प्रणालियां बड़े नुकसान को रोकने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

कुल मिलाकर तस्वीर साफ नहीं बल्कि और धुंधली होती जा रही है। ईरान के अंदर विरोध प्रदर्शन, अमेरिका की आक्रामक भाषा और इज़राइल की सैन्य तैयारियां—तीनों मिलकर एक बड़े टकराव की आशंका को जन्म दे रही हैं। फिलहाल कोई भी खुलकर युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अगर कोई एक चिंगारी भी भड़क उठी, तो उसका असर पूरे मध्य पूर्व को झकझोर सकता है।

news desk

Recent Posts

‘तुतारी’ मिशन पर ब्रेक! BJP ने शिंदे को दिया साफ संदेश

महाराष्ट्र की सियासत में इन दिनों सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर ही रणनीतिक खींचतान देखने को…

3 hours ago

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले टेनिस स्टार लिएंडर पेस BJP में शामिल

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले Bharatiya Janata Party (BJP) ने बड़ा सियासी दांव खेलते…

4 hours ago

नासिक SEX स्कैंडल : ‘ज्योतिष’ के नाम पर यौन शोषण, अशोक खरात केस में नया खुलासा… महिलाओं को सम्मोहन के बाद…

अशोक खरात को लेकर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। उसकी गंदी हरकतों से जुड़े…

5 hours ago

Breaking News : बिहार के नालंदा में शीतला मंदिर में भगदड़, 8 श्रद्धालुओं की मौत, कई घायल

बिहार के नालंदा जिले में स्थित शीतला माता मंदिर में मंगलवार को उस वक्त बड़ा…

6 hours ago

IPL 2026: MS Dhoni नहीं तो कंट्रोल नहीं! Chennai Super Kings के लिए खतरे की घंटी

आईपीएल 2026 में Chennai Super Kings को अपने पहले ही मुकाबले में बड़ी हार का…

7 hours ago