Trending News

‘तुतारी’ मिशन पर ब्रेक! BJP ने शिंदे को दिया साफ संदेश

महाराष्ट्र की सियासत में इन दिनों सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर ही रणनीतिक खींचतान देखने को मिल रही है। उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की ओर से शुरू किए गए कथित ‘ऑपरेशन तुतारी’ पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। सूत्रों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (भारतीय जनता पार्टी) नेतृत्व ने इस अभियान को आगे बढ़ाने को लेकर सतर्क रुख अपनाया है।

बीजेपी की नई रणनीति क्या कहती है?

राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि अगर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के शरद पवार गुट से कोई सांसद सत्तारूढ़ महायुति में शामिल होना चाहता है, तो उसे सीधे शिंदे खेमे में आने के बजाय दूसरे सहयोगी गुट के जरिए लाने की सलाह दी गई है। इससे गठबंधन के भीतर संतुलन बनाए रखने की कोशिश मानी जा रही है।

‘ऑपरेशन तुतारी’ क्या था?

बताया जा रहा है कि इस अभियान के जरिए शिंदे गुट, NCP और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसदों को अपने साथ लाने की रणनीति पर काम कर रहा था। चर्चा थी कि दोनों खेमों से करीब आधा दर्जन सांसदों से संपर्क साधा गया है, जिससे लोकसभा में संख्या बढ़ाने की योजना थी।

राजनीतिक गणित और मंशा

यदि यह रणनीति सफल होती, तो शिंदे गुट की ताकत दोगुनी से अधिक हो सकती थी। इसे भविष्य की राजनीति खासकर 2029 के आम चुनाव को ध्यान में रखते हुए देखा जा रहा है, जहां ज्यादा सीटों पर दावा करने की तैयारी थी। हालांकि, फिलहाल सहयोगी दल की सहमति के बिना इस दिशा में आगे बढ़ने पर रोक लगती दिख रही है।

सांसदों की नाराजगी की वजह?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विपक्षी खेमों के कुछ सांसदों में असंतोष की स्थिति हो सकती है। इसके पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं

  • सत्ता से दूर रहने की स्थिति
  • विकास कार्यों के लिए संसाधनों की कमी
  • भविष्य की राजनीतिक संभावनाओं को लेकर असमंजस
  • केंद्र और राज्य दोनों में सत्तारूढ़ गठबंधन से दूरी

इन परिस्थितियों में सत्तारूढ़ गठबंधन के प्रति आकर्षण बढ़ना स्वाभाविक माना जा रहा है, लेकिन फिलहाल बीजेपी नेतृत्व संतुलित और नियंत्रित विस्तार की रणनीति पर चलते हुए दिख रहा है।

news desk

Recent Posts

फ्रांस से इटली तक क्यों सड़कों पर उतरे लोग? महंगाई से लेकर शिक्षा बजट तक, आखिर यूरोप में क्यों भड़का गुस्सा?

नई दिल्ली: यूरोप के कई देशों में आर्थिक दबाव, बढ़ती जीवन-यापन लागत और सरकारी नीतियों…

8 hours ago

हर वक्त मोबाइल में डूबे रहते हैं? स्क्रीन की यह आदत मानसिक सेहत और अपनों से रिश्तों पर डाल सकती है असर!

नई दिल्ली: सुबह आंख खुलते ही मोबाइल चेक करना, खाना खाते वक्त वीडियो देखना और…

8 hours ago

शरद पूर्णिमा की रात आखिर क्यों जागते हैं लोग? मां लक्ष्मी से श्रीकृष्ण की महारास तक, जानिए 4 अनोखी लोककथाएं

नई दिल्ली: शरद पूर्णिमा की चांदनी को लेकर भारत के अलग-अलग हिस्सों में कई मान्यताएं…

8 hours ago

‘चांपी’ नाम सुनकर फूल याद आएगा, लेकिन समुद्र में मचा सकता है तबाही! आखिर किस देश ने रखा इस खतरनाक तूफान का नाम?

नई दिल्ली: समुद्र में उठने वाला चक्रवाती तूफान तबाही मचा सकता है, लेकिन उसका नाम…

8 hours ago