Sign In
  • My Bookmarks
Indian Press House
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Reading: अगर ट्रंप ने किया ईरान पर हमला तो क्या इज़राइल चुकाएगा कीमत?  तेहरान ने दिखाया खैबर मिसाइलों का डर
Share
Indian Press HouseIndian Press House
Font ResizerAa
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Search
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल
Have an existing account? Sign In
Follow US
© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.
Indian Press House > Blog > Trending News > अगर ट्रंप ने किया ईरान पर हमला तो क्या इज़राइल चुकाएगा कीमत?  तेहरान ने दिखाया खैबर मिसाइलों का डर
Trending Newsवर्ल्ड

अगर ट्रंप ने किया ईरान पर हमला तो क्या इज़राइल चुकाएगा कीमत?  तेहरान ने दिखाया खैबर मिसाइलों का डर

news desk
Last updated: January 12, 2026 11:54 am
news desk
Share
ईरान इज़राइल युद्ध खतरा
ईरान इज़राइल युद्ध खतरा
SHARE

तेहरान/ तेल अवीव : डिजिटल दौर में वैश्विक राजनीति एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर खड़ी दिख रही है। ईरान के भीतर भड़के विरोध प्रदर्शन, अमेरिका की सख्त बयानबाज़ी और इज़राइल की बढ़ती सतर्कता—तीनों मिलकर मध्य पूर्व को एक बार फिर युद्ध के मुहाने पर ले आते नजर आ रहे हैं। इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कहा है कि उनका देश ईरान की स्थिति पर “करीबी नजर” बनाए हुए है, क्योंकि अगर हालात बेकाबू हुए तो यह सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं रहेगा।

Contents
ईरान के विरोध प्रदर्शन और इज़राइल की चिंताअमेरिका-इज़राइल की बातचीत और युद्ध की आहटअमेरिकी हमले का जवाब और ‘खैबर मिसाइल’ का डरईरान की मिसाइल ताकत और इज़राइल की चुनौती

ईरान के विरोध प्रदर्शन और इज़राइल की चिंता

रविवार को साप्ताहिक कैबिनेट बैठक में नेतन्याहू ने ईरानी जनता के साहस की तारीफ करते हुए कहा कि पूरी दुनिया ईरान के नागरिकों के हौसले को देख रही है। उन्होंने नागरिकों की हत्याओं की निंदा की और यह उम्मीद भी जताई कि जब ईरान “तानाशाही के जुए से आज़ाद” होगा, तब इज़राइल और ईरान के रिश्ते दोबारा पटरी पर आ सकते हैं। हालांकि ज़मीनी सच्चाई यह है कि ईरान के कई शहरों में हालात तनावपूर्ण हैं और सरकार विरोधी आवाज़ें लगातार तेज़ हो रही हैं।

अमेरिका-इज़राइल की बातचीत और युद्ध की आहट

इसी बीच नेतन्याहू और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसमें ईरान समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इज़राइली सेना ने फिलहाल कोई नया अलर्ट जारी नहीं किया है और न ही नागरिकों को बंकरों के पास रहने जैसी हिदायत दी गई है। IDF का कहना है कि ईरान में विरोध प्रदर्शन उसका आंतरिक मामला है, लेकिन जरूरत पड़ी तो जवाब “पूरी ताकत” से दिया जाएगा। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस वक्त ईरान की प्राथमिकता इज़राइल से सीधी लड़ाई नहीं, बल्कि देश के अंदर हालात को काबू में करना है।

अमेरिकी हमले का जवाब और ‘खैबर मिसाइल’ का डर

लेकिन असली चिंता यहां से शुरू होती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अगर अमेरिका ईरान पर सीधा हमला करता है, तो उसका जवाब “भयावह” हो सकता है। दावा किया जा रहा है कि ईरान जवाबी कार्रवाई में इज़राइल पर 500 ‘खैबर’ मिसाइलें दाग सकता है। इन मिसाइलों की रेंज करीब 2000 किलोमीटर बताई जा रही है, वॉरहेड का वज़न लगभग 1.5 टन हो सकता है और इनमें स्प्लिट वॉरहेड का विकल्प भी मौजूद है, यानी एक मिसाइल कई हिस्सों में बंटकर अलग-अलग लक्ष्यों को निशाना बना सकती है। साफ शब्दों में कहें तो अगर #Trump हमला करता है, तो उसका “भुगतान” #Netanyahu को चुकाना पड़ सकता है। माना जा रहा है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला #Khamenei अगले चरण की पूरी तैयारी करके बैठे हैं।

ईरान की मिसाइल ताकत और इज़राइल की चुनौती

मध्य पूर्व में ईरान और इज़राइल के बीच तनाव लंबे समय से चला आ रहा है, लेकिन 2025 के युद्ध के बाद यह और गहरा हो गया। जून 2025 में ईरान ने इज़राइल पर 500 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिससे इज़राइल की एयर डिफेंस सिस्टम पर भारी दबाव पड़ा। 2026 की शुरुआत तक के अनुमानों के मुताबिक ईरान के पास करीब 2,000 बैलिस्टिक मिसाइलें हैं। इनमें शाहाब-3, गदर, सेजिल-2, खैबर शेकन और फतह जैसी मिसाइलें शामिल हैं, जो इज़राइल तक मार करने में सक्षम हैं। हालांकि आयरन डोम, डेविड्स स्लिंग और एरो जैसी इज़राइली रक्षा प्रणालियां बड़े नुकसान को रोकने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

कुल मिलाकर तस्वीर साफ नहीं बल्कि और धुंधली होती जा रही है। ईरान के अंदर विरोध प्रदर्शन, अमेरिका की आक्रामक भाषा और इज़राइल की सैन्य तैयारियां—तीनों मिलकर एक बड़े टकराव की आशंका को जन्म दे रही हैं। फिलहाल कोई भी खुलकर युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अगर कोई एक चिंगारी भी भड़क उठी, तो उसका असर पूरे मध्य पूर्व को झकझोर सकता है।

Subscribe to Our Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

TAGGED: ballistic missiles Iran, geopolitical crisis Middle East, global security threat, Iran Israel tension, Iran missile capability, Iran protests impact, Israel air defense, Israel security alert, Khaibar missile Iran, Middle East war risk, Netanyahu Iran statement, Trump Iran attack, US Iran conflict, US Israel relations, world politics analysis
Share This Article
Twitter Email Copy Link Print
Previous Article रिश्तों का कत्ल: पिता ने बनाया हवस का शिकार, पैदा हुए 3 बच्चे; अब ऐसे खुला राज
Next Article ISRO को लगा साल का पहला बड़ा झटका ISRO PSLV-C62 मिशन फेल, जानिए सीमा पर नज़र रखने वाला ‘अन्वेषा’ सैटेलाइट रास्ते से कैसे भटका?

फीचर

View More

अग्निपरीक्षा ले रही मई की धूप: बांदा से लेकर दिल्ली तक हाहाकार, पर क्या आप जानते हैं भारत में कब और कहां पड़ा है गर्मी का सबसे बड़ा टॉर्चर?

नई दिल्ली/लखनऊ। मई का महीना आते ही पूरे उत्तर और मध्य भारत में सूरज के तेवर तल्ख हो गए हैं।…

By news desk 6 Min Read

भारत में 21 करोड़ लोग “HyperTension” का शिकार! 6.75 करोड़ लोग हैं बेखबर? जानिए इस ‘साइलेंट किलर’ का पूरा इतिहास

जब हम हाई ब्लड प्रेशर का नाम सुनते हैं, तो आमतौर पर…

7 Min Read

NASA वैज्ञानिक का ‘मौत’ से तीन बार साक्षात्कार: क्या मृत्यु सिर्फ एक भ्रम है? इंग्रिड होनकाला के दावों ने विज्ञान को दी चुनौती

वॉशिंगटन/बोगोटा। क्या मौत वाकई जीवन की 'पूर्णविराम' है, या फिर यह किसी…

4 Min Read

विचार

View More
भारत–पाकिस्तान क्रिकेट राइवलरी

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ: क्या भारत–पाक मुकाबले से गायब हो गई वो अनिश्चितता?

रिंकू का ओवर और राइवलरी का बदलता अर्थ : भारत–पाकिस्तान…

February 16, 2026

भाग-3 : सत्याग्रह का दार्शनिक आधार: टॉल्स्टॉय, गीता और जैन अहिंसा

वैश्विक गांधी: Mandela, King, Einstein ...गांधी…

February 5, 2026

महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष : दक्षिण अफ़्रीका-अपमान, प्रतिरोध और सत्याग्रह का जन्म

1893 में जब महात्मा गांधी दक्षिण…

January 30, 2026

भाग–1 : दक्षिण अफ़्रीका से आधुनिक भारत तक… गांधी, नैतिक राजनीति और आज की प्रासंगिकता

गांधी — इतिहास नहीं, एक नैतिक…

January 28, 2026

मनोरंजन से वैचारिक हथियार तक… भारतीय सिनेमा में प्रोपेगेंडा का बदलता चेहरा

लोकतंत्र में सिनेमा कभी केवल मनोरंजन…

January 9, 2026

You Might Also Like

Trending Newsबाजार

FD या रियल एस्टेट नहीं, इस एसेट क्लास ने 20 साल में पैसे को किया 17 गुना; फंड्स इंडिया की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा

पारंपरिक तौर पर भारतीय परिवारों में आज भी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) या रियल एस्टेट को निवेश का सबसे सुरक्षित और…

5 Min Read
Trending Newsसियासी

मीम्स का खौफ या नैरेटिव की जंग? जानिए क्यों सरकार की रडार पर आई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’

एक ऐसा सैटायर पेज जो महज कुछ दिनों पहले शुरू हुआ था, उसने देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के…

3 Min Read
Trending Newsखेल

IPL 2026: मुंबई इंडियंस की मुश्किलें बढ़ीं! कप्तान हार्दिक पांड्या पर लगा भारी जुर्माना, मैच रेफरी ने दी कड़ी सजा

आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस (MI)के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR)…

3 Min Read
Trending Newsराज्य

दिल्ली एयरपोर्ट पर इबोला को लेकर ‘हाई अलर्ट’, अफ्रीका से आने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग; DGHS की नई गाइडलाइंस जारी

दुनिया भर में स्वास्थ्य संबंधी खतरों के बीच भारत सरकार पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही है। दिल्ली के इंदिरा…

4 Min Read
  • होम
  • सियासी
  • वर्ल्ड
  • क्राइम
  • शॉर्ट्स
  • फीचर
  • वेब स्टोरी
  • विचार
  • खेल
  • अन्य
  • Entertainment
  • बाजार
  • लाइफस्टाइल

© Indian Press House. Managed by EasyLauncher.

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?