दुनिया एक बार फिर परमाणु हथियारों की होड़ की दिशा में बढ़ती दिखाई दे रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ऐसा बयान दिया है जिसने वैश्विक समुदाय, विशेषकर भारत की चिंताएं बढ़ा दी हैं. ट्रंप ने दावा किया है कि रूस, चीन, उत्तर कोरिया और पाकिस्तान जैसे देश गुप्त रूप से परमाणु परीक्षण कर रहे हैं.
ट्रंप के दावे ने बढ़ाई भारत के लिए सुरक्षा चिंता
अमेरिकी चैनल सीबीएस से बातचीत में ट्रंप ने कहा,’रूस और चीन दोनों टेस्ट कर रहे हैं, लेकिन वे इसके बारे में बात नहीं करते. हम एक खुला समाज हैं, इसलिए हम जो करते हैं, खुलकर बताते हैं. उनके पास ऐसे पत्रकार नहीं हैं जो सच लिख सकें.’ ट्रंप ने यह भी कहा कि उत्तर कोरिया और पाकिस्तान भी परमाणु परीक्षण कर रहे हैं. ट्रंप का यह दावा भारत के लिए सीधी सुरक्षा चुनौती का संकेत माना जा रहा है.
ट्रंप के इन दावों से दुनिया में हलचल मच गई है. अगर पाकिस्तान वाकई गुप्त रूप से परमाणु परीक्षण कर रहा है, तो यह भारत की सुरक्षा नीति के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है. खासकर ऐसे समय में जब चीन की सैन्य सक्रियता लद्दाख बॉर्डर से लेकर हिंद महासागर तक लगातार बढ़ रही है.
क्या अमेरिका भी कर रहा परमाणु परीक्षण की तैयारी ?
इसके साथ ही ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर संकेत दिया है कि वह दशकों पुरानी परमाणु परीक्षण पर लगी पाबंदी को हटाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. ऐसे में, अगर अमेरिका स्वयं परीक्षण की राह पर लौटता है, तो बाकी देशों के लिए यह एक खुला संकेत होगा — और तब परमाणु रेस का नया दौर शुरू होना तय है.
हालांकि,अमेरिकी अधिकारियों ने ट्रंप की बातों से कुछ हद तक दूरी बनाई है. अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी सेना जिन परीक्षणों की तैयारी कर रही है, वे “गैर-महत्वपूर्ण” (subcritical) होंगे — यानी इनमें वास्तविक परमाणु विस्फोट शामिल नहीं होगा.
शुरू होने वाली है परमाणु हथियारों की नयी होड़ ?
भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि पाकिस्तान और चीन जैसे पड़ोसी देशों की यह संभावित परमाणु गतिविधि उसकी रणनीतिक सुरक्षा के समीकरण को और जटिल बना सकती है. आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि नई दिल्ली इस बदलते वैश्विक माहौल में अपनी परमाणु नीति को किस दिशा में ले जाती है.