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BCCI की संभावित सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट 2026 में UP के 03 खिलाड़ी को मिलेगा मौका ! देखें-फुल डिटेल

लखनऊ। बीसीसीआई जल्द ही नए साल 2026 के लिए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का ऐलान कर सकता है। इस बार के कॉन्ट्रैक्ट में कई नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है, साथ ही कुछ खिलाड़ियों के ग्रेड में बदलाव भी किया जा सकता है। इसका मतलब है कि बीसीसीआई खिलाड़ियों के ग्रेड और उनके स्थान में बदलाव करने की तैयारी में है।

इस बार सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों की भी खास मौजूदगी देखने को मिल सकती है। कुलदीप यादव लंबे समय से भारतीय टीम का हिस्सा हैं और उन्हें पहले ही बीसीसीआई के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में शामिल किया जा चुका है लेकिन इस बार कुलदीप यादव को A+ ग्रेड में रखा जाएगा।

इसके अलावा, यूपी टीम के कप्तान रिकू सिंह के लिए भी अच्छी खबर है। बीसीसीआई उन्हें सी ग्रेड में शामिल कर सकता है, और इस ग्रेड के तहत उन्हें सालाना एक करोड़ रुपये मिल सकते हैं। वहीं, यूपी के ध्रुव जुरेल के लिए भी अच्छी खबर है कि उन्हें बी ग्रेड में शामिल किया जा सकता है, जिसके तहत उन्हें सालाना तीन करोड़ रुपये मिलेंगे।

संभावित सेंट्रेल कॉन्टैक्ट
A+ Grade: सालाना ₹7 करोड़ : जसप्रीत बुमराह, शुभमन गिल, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव

A Grade: सालाना 5 करोड़ रुपए: विराट कोहली, रोहित शर्मा, जडेजा, ऋषभ पंत, हार्दिक, केएल राहुल, मोहम्मद सिराज, अर्शदीप सिंह, यशस्वी जयसवाल, वाशिंगटन सुंदर

B Grade: सालाना 3 करोड़ रुपए : ऋतुराज गायकवाड़, ध्रुव जुरेल, सूर्यकुमार यादव, श्रेयस अय्यर, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, वरुण चक्रवर्ती, तिलक वर्मा, ईशान किशन,

C Grade: सालाना 1 करोड़ रुपये : रिंकू सिंह, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, रवि बिश्नोई, मुकेश कुमार, प्रसिद्ध कृष्णा, रजत पाटीदार, सरफराज खान, नीतीश कुमार रेड्डी, आकाश दीप, हर्षित राणा

BCCI हर साल सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट के ग्रेड की समीक्षा करता है। इसमें किसी खिलाड़ी की प्रतिष्ठा या पिछले प्रदर्शन को ध्यान में रखा जाता है। पिछले सीजन में खिलाड़ी का प्रदर्शन, निरंतरता, फिटनेस और टीम पर असर यह तय करने में मदद करते हैं कि खिलाड़ी को प्रमोट किया जाएगा, उसी ग्रेड में रखा जाएगा या डिमोट किया जाएगा। मैचों में हिस्सा लेना भी महत्वपूर्ण होता है।

सीनियर खिलाड़ी और नए खिलाड़ी दोनों को कॉन्ट्रैक्ट के लिए न्यूनतम मैच खेलने की शर्त पूरी करनी होती है। सिर्फ ज्यादा मैच खेलने से ग्रेड बढ़ता नहीं है। एक और बड़ा मापदंड यह है कि जब खिलाड़ी इंटरनेशनल टीम के लिए नहीं खेल रहे हों, तब उन्हें घरेलू क्रिकेट में, जैसे रणजी ट्रॉफी में, हिस्सा लेना जरूरी है। पिछले कुछ सालों में यह नियम और भी सख्त हो गया है।

SYED MOHAMMAD ABBAS

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