Latest News

डायबिटीज मरीजों के लिए फायदेमंद माने जाते हैं ये फल, डाइट में शामिल करने से ब्लड शुगर मैनेजमेंट में मिल सकती है मदद

नई दिल्ली। डायबिटीज में ब्लड शुगर को मैनेज करने के लिए दवाओं के साथ खान-पान पर भी ध्यान देना जरूरी होता है। फलों को लेकर भी सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि इनमें प्राकृतिक शुगर होती है। हालांकि, फाइबर और पोषक तत्वों से भरपूर कुछ साबुत फलों को संतुलित मात्रा में डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है।

डायबिटीज के मरीजों के लिए फल चुनते समय उनकी मात्रा, कुल कार्बोहाइड्रेट और व्यक्ति के ब्लड शुगर रिस्पॉन्स को ध्यान में रखना जरूरी है। आइए जानते हैं कुछ ऐसे फलों के बारे में जिन्हें आमतौर पर संतुलित मात्रा में डाइट में शामिल किया जा सकता है।

सेब

सेब में फाइबर और कई एंटीऑक्सिडेंट पाए जाते हैं। फाइबर भोजन के बाद ब्लड शुगर बढ़ने की रफ्तार को धीमा करने में मदद कर सकता है। सेब को साबुत खाना जूस पीने की तुलना में बेहतर विकल्प माना जाता है। इसे अच्छी तरह धोकर छिलके समेत खाने से फाइबर की मात्रा भी बनी रहती है।

नाशपाती

नाशपाती भी फाइबर से भरपूर फल है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन प्रक्रिया को धीमा करने में मदद करता है, जिससे कार्बोहाइड्रेट और शुगर का अवशोषण अपेक्षाकृत धीरे हो सकता है। डायबिटीज में इसे सीमित मात्रा में साबुत फल के रूप में लिया जा सकता है।

संतरा

संतरे में विटामिन C और फाइबर पाया जाता है। साबुत संतरा खाने से फाइबर मिलता है और जूस की तुलना में शुगर का सेवन नियंत्रित रखना आसान होता है। हालांकि, मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है और मीठे फलों का सेवन भी व्यक्ति की डाइट और ब्लड शुगर के अनुसार होना चाहिए।

अंगूर

अंगूर में एंटीऑक्सिडेंट और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं, लेकिन इसमें प्राकृतिक शुगर भी होती है। इसलिए डायबिटीज के मरीजों को इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। अंगूर का जूस पीने के बजाय साबुत अंगूर खाना बेहतर विकल्प हो सकता है।

चेरी

चेरी में एंटीऑक्सिडेंट और फाइबर पाए जाते हैं और इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स अपेक्षाकृत कम माना जाता है। फिर भी डायबिटीज में इसे सीमित मात्रा में लेना चाहिए। खासतौर पर मीठी या शुगर मिलाई हुई चेरी और चेरी उत्पादों से बचना बेहतर है।

फल खाते समय इन बातों का रखें ध्यान

डायबिटीज में फल पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं होती, लेकिन उनकी मात्रा और सेवन का तरीका महत्वपूर्ण है। साबुत फल आमतौर पर जूस से बेहतर विकल्प होते हैं। एक बार में बहुत अधिक फल खाने के बजाय उचित मात्रा में सेवन करना चाहिए। साथ ही, ब्लड शुगर की दवा या इंसुलिन लेने वाले मरीज अपनी डाइट में बड़े बदलाव से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लें।

नोट: डायबिटीज में कोई भी फल दवा का विकल्प नहीं है। फल ब्लड शुगर मैनेजमेंट में मददगार संतुलित डाइट का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन दवाएं डॉक्टर की सलाह के बिना बंद या कम नहीं करनी चाहिए।

vineet verma

Recent Posts

बल्लेबाजों के बाद गेंदबाजों का कमाल, बुमराह-दुबे ने पलटा फाइनल का पासा; पाकिस्तान को हराकर भारत ने जीता गोल्ड

एशियन गेम्स 2026 के फाइनल मुकाबले में भारतीय मेंस क्रिकेट टीम ने इतिहास रचते हुए…

60 minutes ago

‘आप’ को बड़ा झटका! मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने थामा कांग्रेस का हाथ

भारतीय राजनीति के गलियारों में एक ऐसा राजनीतिक भूचाल आया है, जिसने सबको सकते में…

3 hours ago

सलमान खान के फैंस के लिए बड़ी खुशखबरी! सरकार से क्लियरेंस मिलने के बाद साफ हुआ ‘मातृभूमि’ की रिलीज का रास्ता

सिनेमा के गलियारों में खलबली मच गई है और फैंस के दिलों की धड़कनें तेज…

4 hours ago

क्या ‘पिंक रिबन’ सिर्फ एक कॉरपोरेट कारोबार है? जानिए कैसे जमीनी आंदोलन से बड़ा ब्रांड बन गया कैंसर का प्रतीक

अक्टूबर महीने की आहट के साथ ही देश-दुनिया के अस्पतालों और इमारतों पर एक खास…

5 hours ago

सन्नाटे के बीच फूटा सियासी बम! MLC चुनाव से पहले आमने-सामने आए RJD और कांग्रेस

बिहार की सियासी पिच पर सन्नाटे के बीच अचानक खलबली मच गई है। 23 अक्टूबर…

5 hours ago