नई दिल्ली: मानसून का मौसम आते ही पहाड़, झरने और जंगल नई खूबसूरती से खिल उठते हैं। अगर आप बेंगलुरु में रहते हैं और बारिश के मौसम में बिना लंबी यात्रा किए कहीं सुकूनभरी वीकेंड ट्रिप का प्लान बना रहे हैं, तो शहर से करीब तीन घंटे की दूरी पर मौजूद ये जगहें बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती हैं। हरियाली से ढकी पहाड़ियां, धुंध से घिरे रास्ते, झरनों की गूंज और रोमांच से भरपूर ट्रैकिंग इन जगहों को मानसून में और भी खास बना देती है।
बेंगलुरु से करीब 60 किलोमीटर दूर स्थित नंदी हिल्स मानसून के दौरान बेहद आकर्षक नजर आती है। घुमावदार पहाड़ी रास्तों के दोनों ओर फैली हरियाली और धुंध इस जगह की खूबसूरती कई गुना बढ़ा देती है। सुबह के समय यहां बादलों के बीच खड़े होने जैसा अनुभव मिलता है।
यहां टीपू ड्रॉप, भोगा नंदीश्वर मंदिर, सूर्योदय के व्यू पॉइंट और पहाड़ी सड़कों पर साइकिलिंग का आनंद लिया जा सकता है। अगर निजी वाहन से जा रहे हैं, तो सुबह जल्दी निकलना बेहतर रहेगा, ताकि भीड़ और ट्रैफिक से बचा जा सके।
अगर आपका वीकेंड रोमांच से भरपूर होना चाहिए, तो अंतरगंगे बेहतरीन विकल्प है। बेंगलुरु से करीब 70 किलोमीटर दूर स्थित यह जगह ज्वालामुखीय चट्टानों, प्राकृतिक गुफाओं और ट्रैकिंग ट्रेल्स के लिए जानी जाती है।
बारिश के मौसम में यहां का पूरा इलाका हरियाली से भर जाता है और मौसम बेहद सुहावना हो जाता है। हालांकि बारिश के बाद चट्टानें फिसलन भरी हो सकती हैं, इसलिए मजबूत और आरामदायक जूते पहनकर जाना बेहतर रहेगा।
कर्नाटक की ‘दक्षिण काशी’ कहलाने वाली शिवगंगे इतिहास, धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सुंदरता का शानदार मेल है। विशाल ग्रेनाइट पहाड़ी और उसके रास्ते में स्थित प्राचीन मंदिर इस जगह को खास बनाते हैं।
मानसून के दौरान चारों ओर फैली हरियाली और ठंडा मौसम ट्रैकिंग के अनुभव को और यादगार बना देता है। पहाड़ी की चोटी से आसपास का नजारा बेहद मनमोहक दिखाई देता है।
फिल्म ‘शोले’ की शूटिंग के लिए प्रसिद्ध रामनगर मानसून में पूरी तरह बदल जाता है। सामान्य दिनों में सूखी दिखने वाली ग्रेनाइट पहाड़ियां बारिश के मौसम में हरियाली से ढक जाती हैं।
यही वजह है कि यह जगह ट्रैकिंग, फोटोग्राफी और रॉक क्लाइम्बिंग पसंद करने वालों के बीच काफी लोकप्रिय है। अगर कम दूरी की रोड ट्रिप का प्लान है, तो रामनगर एक शानदार विकल्प हो सकता है।
बेंगलुरु से लगभग 135 किलोमीटर दूर स्थित शिवनसमुद्र जलप्रपात मानसून के दौरान अपनी सबसे खूबसूरत छटा बिखेरता है। कावेरी नदी का जलस्तर बढ़ने पर यहां के प्रसिद्ध गगनचुक्की और भराचुक्की झरने पूरे वेग से बहते हैं।
झरनों की तेज गर्जना, उड़ती पानी की फुहारें और आसपास फैली हरियाली इस जगह को मानसून में घूमने के लिए सबसे लोकप्रिय स्थलों में शामिल कर देती है।
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