नई दिल्ली: धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार होने और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। संगठन ने नए शिक्षा मंत्री का स्वागत करते हुए साफ कहा कि देश के युवा अब शिक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखेंगे। साथ ही संकेत दिया कि सरकार के वादे के मुताबिक एक महीने के भीतर नए शिक्षा मंत्री से मुलाकात की जाएगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सिफारिश पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर कर लिया। इसके बाद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई। उनके पास पहले से उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का प्रभार भी है।
‘जो भी शिक्षा मंत्री बने, युवाओं के प्रति जवाबदेह रहना होगा’
न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बातचीत में CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि संगठन की प्रमुख मांगों को सरकार ने स्वीकार किया है और इसी वजह से आंदोलन समाप्त किया गया। उन्होंने कहा कि देशभर के युवाओं के समर्थन ने इस आंदोलन को मजबूत बनाया।
सौरव दास ने कहा कि जो भी शिक्षा मंत्री बने, उन्हें यह समझना होगा कि देश का युवा हर फैसले पर नजर रखे हुए है। युवाओं के हित में काम करना होगा और शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
‘पेपर लीक रोकिए, हमारी सिफारिशें लागू कीजिए’
CJP ने नए शिक्षा मंत्री से शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर अपनी पांच सूत्रीय सिफारिशों को लागू करने की भी मांग दोहराई। संगठन ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाना जरूरी है।
सौरव दास ने कहा, “हम बहुत जल्द नए शिक्षा मंत्री से मिलेंगे। सरकार ने एक महीने के भीतर बैठक कराने का भरोसा दिया है। अब हम देखेंगे कि उस वादे पर कितना अमल होता है।”
धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री को भेजा था इस्तीफा
शनिवार दोपहर धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा। अपने त्यागपत्र में उन्होंने कहा कि वह पिछले चार दशकों से छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं तथा हमेशा एक मजबूत, समावेशी और भविष्य उन्मुख शिक्षा व्यवस्था के पक्षधर रहे हैं।
उन्होंने यह भी लिखा कि देश के युवाओं की आकांक्षाओं और उम्मीदों का सम्मान करना उनका नैतिक दायित्व रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रसेवा का अवसर मिलने के लिए वह उनके आभारी हैं।
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