क्या कांग्रेस में अब ‘ओल्ड गार्ड’ की जगह युवा चेहरों का दौर आने वाला है? लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पार्टी संगठन को नए सिरे से तैयार करने की कवायद तेज कर दी है। उनका फोकस ऐसे नेताओं को आगे लाने पर है, जो सिर्फ पार्टी के भीतर सक्रिय न हों, बल्कि जमीन पर काम करने, लोगों के बीच रहने और राजनीतिक चुनौतियों का आक्रामक तरीके से मुकाबला करने की क्षमता रखते हों। इसी रणनीति के तहत राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल राष्ट्रीय सचिव पद के लिए नेताओं के इंटरव्यू ले रहे हैं। अब सवाल है कि इन पदों के लिए कितने नेताओं का इंटरव्यू होगा और चयन का आधार क्या होगा?
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव पद के लिए करीब 120 नेताओं का इंटरव्यू लिया जाना है। यह प्रक्रिया 10-10 नेताओं के समूह में की जा रही है। सोमवार को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने करीब 30 नेताओं का इंटरव्यू लिया।
इस दौरान राहुल गांधी नेताओं से उनके पुराने संगठनात्मक काम, राजनीतिक अनुभव, प्रोफाइल और जमीनी सक्रियता से जुड़े सवाल पूछ रहे हैं। खास बात यह है कि इंटरव्यू देने वाले नेताओं का कामकाज और प्रदर्शन का रिपोर्ट कार्ड पहले से राहुल गांधी के पास मौजूद है।
राहुल गांधी कांग्रेस संगठन में अपनी पसंद और भरोसेमंद नेताओं की नई टीम तैयार करने पर जोर दे रहे हैं। पार्टी की नजर 2029 के लोकसभा चुनाव पर है और इसी को देखते हुए संगठन को अभी से मजबूत करने की तैयारी है।
नई नियुक्तियों में वरिष्ठ नेताओं की सिफारिश के बजाय जमीनी काम, संगठनात्मक क्षमता, नेतृत्व कौशल और भविष्य की सोच को प्राथमिकता देने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस पुराने चेहरों की जगह नए और युवा नेताओं को मौका देकर संगठन में नई ऊर्जा लाना चाहती है।
राहुल गांधी राष्ट्रीय सचिव पद के लिए हो रहे इंटरव्यू में नेताओं की राजनीतिक समझ, संगठनात्मक क्षमता और जमीनी सक्रियता को परखा जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, नेताओं से सबसे पहले अपना परिचय देने और कांग्रेस में राष्ट्रीय सचिव की भूमिका से जुड़े सवाल किए जा रहे हैं।
इसके अलावा उनसे पूछा जा रहा है कि वे अपने राज्य के किन आंदोलनों में शामिल रहे हैं, कांग्रेस और बीजेपी के बीच सबसे बड़ा अंतर क्या मानते हैं और उनके राज्य में ऐसा कौन सा मुद्दा था, जिसे कांग्रेस सही समय पर नहीं उठा सकी।
इंटरव्यू में यह भी पूछा जा रहा है कि क्या उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर कोई चुनाव लड़ा है और पार्टी संगठन में काम करना उनके लिए कितना महत्वपूर्ण है।
कुल मिलाकर, राष्ट्रीय सचिवों की नियुक्ति की यह प्रक्रिया कांग्रेस में पीढ़ीगत बदलाव की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। अब देखना होगा कि इंटरव्यू के बाद राहुल गांधी की नई टीम में किन चेहरों को जगह मिलती है और क्या ये युवा नेता 2029 की चुनावी चुनौती के लिए कांग्रेस संगठन को नई धार दे पाते हैं।
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