बोकारो: झारखंड के बोकारो जिले में एक शादी अपनी सादगी और सामाजिक संदेश की वजह से चर्चा का विषय बन गई। जहां आजकल शादियों में लग्जरी कारों और भव्य इंतजामों का चलन बढ़ता जा रहा है, वहीं एक दूल्हा सजी-धजी बैलगाड़ी पर बारात लेकर विवाह स्थल पहुंचा। इस अनोखी पहल के जरिए उसने दहेज मुक्त विवाह का संदेश दिया और स्थानीय कुड़माली संस्कृति को बढ़ावा देने की कोशिश की।
दूल्हे ने बताया कि उसका उद्देश्य शादी को दिखावे से दूर रखते हुए समाज को दहेज जैसी कुप्रथा के खिलाफ सकारात्मक संदेश देना था। गांव के लोगों की मदद से बैलगाड़ी को पारंपरिक अंदाज में सजाया गया, जिसने बारात में शामिल लोगों के साथ-साथ स्थानीय लोगों का भी ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
इस विवाह की एक और खास बात यह रही कि बारात में आधुनिक डीजे की जगह कुड़माली लोक संगीत और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज सुनाई दी। बाराती पूरे उत्साह के साथ लोक नृत्य करते हुए आगे बढ़े, जबकि शादी की सभी रस्में भी कुड़माली परंपराओं के अनुसार संपन्न कराई गईं।
विवाह के बाद दुल्हन की विदाई भी उसी बैलगाड़ी से कराई गई, जिससे यह आयोजन और भी खास बन गया। इस पूरे आयोजन ने यह संदेश देने की कोशिश की कि शादी की असली खूबसूरती महंगे खर्च और दिखावे में नहीं, बल्कि परंपराओं, आपसी सम्मान और पारिवारिक मूल्यों में होती है।
इस अनोखी शादी की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी खूब चर्चा हो रही है। लोग दूल्हे की पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बता रहे हैं। आयोजकों का कहना है कि विवाह का मकसद लोगों को यह संदेश देना था कि शादी का आधार दहेज या फिजूलखर्ची नहीं, बल्कि समानता, सम्मान और संस्कार होने चाहिए। कई लोगों ने उम्मीद जताई कि ऐसी पहल दहेज जैसी सामाजिक बुराई को खत्म करने की दिशा में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।
नई दिल्ली: अगर नौकरी में लगातार रुकावटें आ रही हैं, मेहनत के बावजूद प्रमोशन नहीं…
नई दिल्ली: हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को अत्यंत पवित्र और पूजनीय माना गया…
नई दिल्ली: वैदिक ज्योतिष के अनुसार 15 जुलाई 2026, बुधवार का दिन धार्मिक और मांगलिक…
नई दिल्ली: भगवान शिव का प्रिय महीना सावन शुरू होने से पहले ही शिवभक्तों में…
नई दिल्ली: Apple के अगले फ्लैगशिप स्मार्टफोन iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max…
नई दिल्ली: घर में पहनी जाने वाली मैक्सी का रंग फीका पड़ जाए या वह…