Trending News

“जब तक CBI जांच नहीं, तब तक संघर्ष जारी रहेगा!” JPSC परीक्षा को रद्द कर CBI जांच कराने की मांग को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 2025 प्रारंभिक परीक्षा में सामने आई धांधली और गड़बड़ियों का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। परीक्षा में पारदर्शिता को लेकर खड़े हुए गंभीर सवालों के बीच इस पूरे प्रकरण ने एक नया मोड़ ले लिया है।

JPSC 2025 की प्रारंभिक परीक्षा में बड़े स्तर पर गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। इस याचिका के माध्यम से मांग की गई है कि इस प्रारंभिक परीक्षा को पूरी तरह रद्द किया जाए। इसके साथ ही, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच CBI या किसी अन्य स्वतंत्र जांच एजेंसी से कराने का आग्रह किया गया है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

OMR शीट वायरल होने के बाद गरमाया मामला

इस पूरे विवाद की सुगबुगाहट तब तेज हुई जब एक सफल अभ्यर्थी की OMR शीट और उसकी कार्बन कॉपी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। इस वायरल कॉपी को लेकर गंभीर आरोप लगे कि जिस छात्र ने परीक्षा में बेहद कम प्रश्न हल किए थे, उसे भी आयोग द्वारा सफल घोषित कर दिया गया। इसके बाद से ही राज्य के बेरोजगार युवाओं और छात्र संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा और वे लगातार विरोध प्रदर्शन करने लगे।

CID जांच, गिरफ्तारियां और मुख्य परीक्षा स्थगित

मामले के तूल पकड़ने पर राज्य सरकार ने जांच का जिम्मा CID को सौंपा था। CID की कार्रवाई के दौरान परीक्षा से जुड़ी एजेंसी के कुछ अधिकारियों और आयोग के कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद गिरफ्तारियां भी हुईं। बढ़ते दबाव और विवादों के बीच तत्कालीन JPSC अध्यक्ष को भी अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इसके अलावा, प्रशासनिक और छात्रों के विरोध को देखते हुए आयोग को 25 से 27 जुलाई के बीच होने वाली मुख्य (Mains) परीक्षा को पहले ही स्थगित करना पड़ा है।

जब तक CBI जांच नहीं, तब तक संघर्ष जारी

राज्य पुलिस और CID की जांच के बावजूद छात्र संतुष्ट नहीं हैं। छात्रों और विपक्षी दलों का साफ कहना है कि इस भ्रष्टाचार की जड़ें बहुत गहरी हैं, इसलिए इसकी जांच सिर्फ CBI से ही होनी चाहिए। राजधानी रांची समेत पूरे झारखंड में छात्र संगठन लगातार अपनी मांगों को लेकर मुखर हैं। अब सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट के रुख पर टिकी हुई हैं कि अदालत इस याचिका पर क्या फैसला लेती है, क्योंकि यह मामला लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है।

news desk

Recent Posts

IND vs JPN: आखिरी ओवर में वाइड पर मचा घमासान, अंपायर से भिड़े श्रेयस-अक्षर, फिर बदला फैसला

भारत और जापान के बीच मंगलवार को खेला गया ऐतिहासिक टी20 मुकाबला नतीजे से ज्यादा…

11 hours ago

जमुई कांड में एनकाउंटर के बाद सियासी घमासान, संजय राउत ने बिहार सरकार पर साधा निशाना

बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा से कथित बदसलूकी के मामले में पुलिस की कार्रवाई…

11 hours ago

TRAI का बड़ा फैसला: अब बिना इंटरनेट के सस्ते रिचार्ज का रास्ता साफ, सिर्फ कॉलिंग और SMS वाले प्लान लाना अनिवार्य!

क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो अपने मोबाइल में इंटरनेट का इस्तेमाल…

12 hours ago

जमुई वायरल वीडियो मामले में 120 सोशल मीडिया अकाउंट्स पर FIR, नाबालिग की पहचान उजागर करने वालों पर पुलिस का शिकंजा

बिहार के जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा से कथित बदसलूकी के मामले में पुलिस ने अब…

12 hours ago

संजय निषाद का BJP को संदेश: ‘नाव डूबने न दें’, अमित शाह-सुनील बंसल को लेकर कही बड़ी बात

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए के भीतर सहयोगी दलों की भूमिका…

12 hours ago