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जिस बेटे की हो चुकी थी तेरहवीं, वो अचानक लौट आया जिंदा; गिरधर की वापसी के बाद गाजियाबाद पुलिस ने खोली नई जांच

गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस, परिवार और पूरे इलाके को हैरानी में डाल दिया। जिस युवक को मृत मानकर अंतिम संस्कार और तेरहवीं तक कर दी गई थी, वह अचानक जिंदा घर लौट आया। अब इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस ने दोबारा बयान दर्ज किए हैं और हत्या के दर्ज मुकदमे को बंद करने की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी है।

कौशांबी क्षेत्र की वैशाली स्थित कल्पना सोसायटी पहुंची पुलिस टीम ने गिरधर सिंह बिष्ट, उनकी मां और बहनों से फिर पूछताछ की। गिरधर ने अपने बयान में बताया कि वह परिवार और आसपास के लोगों से परेशान होकर पंजाब स्थित एक आश्रम चले गए थे। वहां कुछ समय रहने के बाद जब पैसे खत्म हो गए और परिवार की याद आने लगी तो उन्होंने वापस लौटने का फैसला किया।

उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उनके गायब होने के बाद उनके नाम पर क्या घटनाक्रम सामने आया।

मां और बहनों ने दोहराया पहचान का दावा

पुलिस पूछताछ में गिरधर की मां और बहनों ने भी पहले दिए गए अपने बयान दोहराए। उनका कहना रहा कि उन्होंने लावारिस शव की पहचान कद-काठी और बाहरी बनावट के आधार पर गिरधर के रूप में की थी।

अब पुलिस इस पूरे मामले की जांच को अंतिम रूप देने में जुटी है और रिपोर्ट तैयार कर अदालत में पेश करने की तैयारी कर रही है। शुरुआती संकेतों के अनुसार पुलिस इस मामले में गिरधर के परिवार को फर्जी मुकदमे के आरोपों से राहत देने के पक्ष में दिखाई दे रही है।

लापता होने से हत्या केस तक कैसे पहुंचा मामला?

जानकारी के अनुसार, वैशाली की कल्पना सोसायटी निवासी गिरधर को पहले एक मारपीट मामले में शांतिभंग की धाराओं के तहत जेल भेजा गया था। बाद में वह निजी मुचलके पर रिहा हुए, लेकिन इसके बाद अचानक लापता हो गए।

जब उनकी मां जेल में मिलने पहुंचीं तो उन्हें गिरधर के नहीं मिलने की जानकारी हुई। इसके बाद मसूरी थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

इसी दौरान मसूरी क्षेत्र के नाहल झाल में एक लावारिस शव मिला, जिसकी पहचान परिवार ने गिरधर के रूप में की। परिवार ने पड़ोसियों पर हत्या का आरोप लगाया, जिसके बाद शव का दो बार पोस्टमार्टम कराया गया और पुलिस ने पड़ोसियों समेत सात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया।

तेरहवीं के अगले दिन लौट आया गिरधर

घटना ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब कथित तौर पर 24 जून को मिले शव के 13 दिन पूरे होने पर परिवार ने गिरधर की तेरहवीं भी कर दी। लेकिन अगले ही दिन 25 मई को गिरधर घर लौट आए।

इस घटना के बाद से परिवार ने खुद को लोगों से अलग रखा हुआ है। बताया जा रहा है कि परिवार बाहरी लोगों से बातचीत नहीं कर रहा और गिरधर को भी घर से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है।

आरोपी बनाए गए पड़ोसी परिवारों पर पड़ा असर

दूसरी ओर हत्या के मामले में आरोपी बनाए गए पड़ोसी तीन भाइयों के परिवारों पर भी इस पूरे घटनाक्रम का असर पड़ा है। बताया गया कि उनके बच्चे अब भी डर और तनाव में हैं।

हालांकि परिवार धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौटने की कोशिश कर रहा है, लेकिन सदस्य अब भी बाहर निकलने में झिझक महसूस कर रहे हैं। परिवार बच्चों की मानसिक स्थिति को देखते हुए मनोचिकित्सकीय परामर्श लेने पर विचार कर रहा है।

 

vineet verma

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