कनाडा में इंडियन स्टूडेंट्स के लिए ‘सेफ्टी’ अब एक बड़ा डरावना सवाल बन गई है। यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो स्कारबोरो (UTSC) के पास 20 वर्षीय शिवांक अवस्थी को दिनदहाड़े गोलियों से भून दिया गया। इस शॉकिंग मर्डर ने न सिर्फ टोरंटो की सड़कों को दहला दिया है, बल्कि भारत में भी गुस्से और चिंता की लहर पैदा कर दी है।
ट्रेल पर मिला खून से लथपथ बॉडी
घटना मंगलवार 23 दिसंबर दोपहर करीब 3:30 बजे की है। टोरंटो के ‘हाइलैंड क्रीक ट्रेल’ पर, जहाँ स्टूडेंट्स अक्सर टहलने जाते हैं, एक राहगीर को शिवांक गंभीर हालत में मिले। जब तक पुलिस और एम्बुलेंस पहुँचती, शिवांक दम तोड़ चुके थे। मर्डर यूनिवर्सिटी कैंपस के इतने करीब हुआ कि प्रशासन को तुरंत ‘लॉकडाउन’ अनाउंस करना पड़ा।
कौन है शिवांक अवस्थी?
शिवांक सिर्फ एक स्टूडेंट नहीं थे, बल्कि कैंपस का एक नामी चेहरा थे: भारतीय कॉन्सुलट ने उन्हें PhD स्कॉलर बताया है, जबकि कैंपस में वे लाइफ साइंसेज के होनहार छात्र के रूप में जाने जाते थे। बताया जा रहा है की शिवांक अवस्थी यूनिवर्सिटी की चीयरलीडिंग टीम के ‘एनर्जेटिक’ मेंबर थे,दोस्तों के बीच वो अपनी पॉजिटिव एनर्जी के लिए मशहूर थे।
पुलिस की रडार पर क्या है?
ये साल टोरंटो के लिए वैसे ही ‘क्राइम ग्राफ’ में सबसे ऊपर रहा है, और ये शिवांक की मौत इस साल की 41वीं मर्डर है। हाल ही में हुई हिमांशी खुराना की हत्या के बाद, शिवांक का मर्डर कनाडा में भारतीयों के लिए किसी नाईटमेयर से कम नहीं है।
इंडियन एम्बेसी एक्टिव मोड में है और परिवार को कानूनी सपोर्ट देने के साथ-साथ बॉडी को भारत लाने की तैयारी कर रहा है।
‘ब्लैक वीक’ और बढ़ता आक्रोश
ये हत्या अकेले नहीं हुई है। इसी हफ्ते टोरंटो में हिमांशी खुराना नाम की एक और भारतीय महिला की भी हत्या हुई थी। इन बैक-टू-बैक वारदातों ने कनाडा में रह रहे भारतीयों के बीच डर का माहौल बना दिया है। छात्र अब सोशल मीडिया पर ‘Safe Campus’ की मांग कर रहे हैं।