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लेबनान में गूंजा भारतीय सेना का नाम! सेना की पहली महिला कॉम्बैट पायलट मेजर अभिलाषा बराक को मिलेगा प्रतिष्ठित UN अवार्ड

न्यूयॉर्क/नई दिल्ली। भारतीय सेना की जांबाज महिला अधिकारी मेजर अभिलाषा बराक ने वैश्विक मंच पर तिरंगे का मान बढ़ाते हुए एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। लेबनान में संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन (UNIFIL) में तैनात मेजर अभिलाषा को साल 2025 के प्रतिष्ठित ‘यूनाइटेड नेशंस मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवॉर्ड’ (UN Military Gender Advocate of the Year Award) के लिए नामित किया गया है।

संयुक्त राष्ट्र (UN) में भारत के स्थायी मिशन ने इस गौरवपूर्ण खबर की आधिकारिक घोषणा की है। मेजर अभिलाषा को यह सम्मान आगामी 29 मई को ‘संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों के अंतरराष्ट्रीय दिवस’ के अवसर पर यूएन मुख्यालय में आयोजित एक भव्य समारोह में दिया जाएगा।

लेबनान में महिलाओं की ढाल बनीं मेजर अभिलाषा

मेजर अभिलाषा बराक वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल लेबनान (UNIFIL) में तैनात भारतीय बटालियन के महिला सहभागिता दल (Female Engagement Team – FET) की कमान संभाल रही हैं। पश्चिम एशियाई देश लेबनान में जारी गंभीर संकट के बीच उन्होंने लैंगिक समानता और सुरक्षा को लेकर असाधारण काम किया है।

  • किशोरियों और महिलाओं के लिए प्रयास: उन्होंने युद्ध प्रभावित इलाकों में महिलाओं और किशोरियों के साथ सीधा संपर्क साधकर सामुदायिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया।
  • शांतिरक्षकों को ट्रेनिंग: उन्होंने अंतरराष्ट्रीय शांतिरक्षकों को लैंगिक संवेदनशीलता (Gender Sensitivity) का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया, ताकि संकट के समय महिलाओं की सुरक्षा और प्रभावी ढंग से की जा सके।

एक और बड़ा रिकॉर्ड: मेजर अभिलाषा बराक के नाम केवल यही उपलब्धि नहीं है, वह भारतीय सेना की पहली महिला लड़ाकू हेलीकॉप्टर पायलट (First Woman Combat Helicopter Pilot) होने का गौरव भी हासिल कर चुकी हैं।

सम्मान पाने वाली देश की तीसरी बेटी

भारत के सैन्य इतिहास में यह एक अद्भुत हैट्रिक है। मेजर अभिलाषा बराक संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में अपने बेहतरीन काम के लिए यह वैश्विक पुरस्कार हासिल करने वाली भारत की तीसरी महिला सैन्य अधिकारी बन गई हैं। इनसे पहले दो और जांबाज बेटियों को यह सम्मान मिल चुका है:

  1. मेजर सुमन गवानी (2019): इन्होंने दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNMISS) में अपनी असाधारण सेवाओं के लिए पहली बार भारत की झोली में यह पुरस्कार डाला था।
  2. मेजर राधिका सेन (2023): कांगो गणराज्य (MONUSCO) में अपनी सूझबूझ और वीरता का लोहा मनवाने के लिए मेजर राधिका को इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया था।

क्या है इस UN पुरस्कार का महत्व?

संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियान विभाग (DPO) द्वारा इस पुरस्कार की स्थापना साल 2016 में की गई थी। यह पुरस्कार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के ऐतिहासिक संकल्प 1325 (महिला, शांति और सुरक्षा) के सिद्धांतों को दुनिया भर के युद्धग्रस्त इलाकों में लागू करने वाले सैन्य शांतिरक्षकों को दिया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य शांति स्थापना की गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना और उनके अधिकारों की रक्षा करना है।

news desk

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