अगर आप भी UPI का इस्तेमाल करते हैं और अलग-अलग ऐप पर सेट किए गए ‘ऑटो-पेमेंट’ को मैनेज करने से परेशान हैं, तो आपके लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है। “नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया” NPCI ने UPI ट्रांजैक्शंस को और अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। जल्द ही यूजर्स को अपने सभी ऑटोपे मैंडेट्स एक ही स्क्रीन पर देखने की सुविधा मिलेगी।
क्या है नया बदलाव?
अभी तक की व्यवस्था में, यदि आपने अपने बिजली के बिल, OTT सब्सक्रिप्शन, EMI या SIP के लिए अलग-अलग ऐप्स जैसे Google Pay, PhonePe या Paytm पर ऑटोपे सेट किया है, तो आपको उन सभी की जानकारी देखने के लिए संबंधित ऐप्स पर अलग-अलग जाना पड़ता था।
लेकिन अब, NPCI की नई पहल के बाद, आप किसी भी एक UPI ऐप का उपयोग करके अपने द्वारा सेट किए गए सभी एक्टिव ऑटोपे मैंडेट्स की एक सेंट्रलाइज्ड लिस्ट देख सकेंगे। इससे यूजर्स को यह पता लगाने में आसानी होगी कि उनके बैंक खाते से कब और कहाँ ऑटोमैटिक पैसे कट रहे हैं।
क्यों जरूरी था यह फीचर?
पिछले कुछ समय में भारत में UPI ऑटोपे का चलन तेजी से बढ़ा है। आंकड़ों पर नजर डालें, तो मई 2025 में जहाँ करीब 57.7 करोड़ ऑटोपे ट्रांजैक्शन हुए थे, वहीं मई 2026 तक यह आंकड़ा तीन गुना बढ़कर 1.6 अरब के पार पहुंच चुका है।
इस भारी बढ़ोतरी के बीच यूजर्स अक्सर यह भूल जाते हैं कि उन्होंने किस सर्विस के लिए ऑटोपे ऑन किया था, जिससे कई बार ‘डबल पेमेंट’ या अनचाहे सब्सक्रिप्शन के चलते पैसे कटने की समस्या सामने आती है। नया फीचर इन समस्याओं को जड़ से खत्म करने में मदद करेगा।
मैनेजमेंट होगा आसान, पर एक शर्त पर
NPCI के दिशा-निर्देशों के अनुसार, यूजर्स अपनी सभी ऑटोपे लिस्ट को किसी भी ऐप पर देख सकेंगे। हालांकि, अगर आपको किसी ऑटोपे को कैंसिल करना है या उसमें बदलाव करना है, तो आपको उसी मूल ऐप पर जाना होगा जिससे वह सर्विस शुरू की गई थी। नया सिस्टम आपको बदलाव के लिए सीधे संबंधित ऐप पर रीडायरेक्ट कर देगा, जिससे प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।
NPCI ने सभी पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों को तकनीकी बदलाव के निर्देश दे दिए हैं। उम्मीद है कि यह अपडेट जल्द ही सभी यूजर्स के लिए लाइव हो जाएगा, जिससे डिजिटल पेमेंट का अनुभव और भी ज्यादा ‘स्मार्ट’ और सुरक्षित बनेगा।