बिहार की राजनीति में मकर संक्रांति का खास महत्व रहा है। इस मौके पर होने वाला दही-चूड़ा भोज अक्सर बड़े सियासी संकेत देता है और कई बार चौंकाने वाले राजनीतिक दृश्य भी देखने को मिलते हैं। राजनीतिक समीकरण साधने के लिहाज़ से यह भोज अहम माना जाता है। बीते कई वर्षों से यह आयोजन राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के आवास पर दो दिनों तक होता रहा है।
अब खबर है कि इस बार लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव कुछ अलग और बड़ा करने जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस साल पारंपरिक दही-चूड़ा भोज के आयोजन की जिम्मेदारी तेज प्रताप यादव ने खुद संभाली है।
सूत्रों के मुताबिक, तेज प्रताप यादव इस भोज में परिवार के सदस्यों को आमंत्रित करेंगे। इसके साथ ही नेता प्रतिपक्ष और उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव को भी न्योता देने की तैयारी है। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी इस भोज में शामिल होने का निमंत्रण दिए जाने की चर्चा है।
बिहार की राजनीति पर करीबी नजर रखने वालों का मानना है कि तेज प्रताप यादव का यह कदम सियासी और पारिवारिक—दोनों ही लिहाज़ से बेहद अहम माना जा रहा है।