देश के सबसे बड़े IPO में शामिल माने जा रहे टाटा कैपिटल के शेयरों ने सोमवार, 13 अक्टूबर 2025 को शेयर बाजार में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया. बीएसई और एनएसई दोनों ही एक्सचेंजों पर शेयर ₹330 के भाव पर लिस्ट हुए, जो इश्यू प्राइस ₹326 से सिर्फ 1.23% अधिक था. लिस्टिंग के बाद थोड़ी गिरावट देखने को मिली और कीमत एनएसई पर ₹326.85 तक फिसल गई, हालांकि यह इश्यू प्राइस से ऊपर बनी रही.
निवेशकों की प्रतिक्रिया उम्मीद से बेहतर लेकिन मुनाफा सीमित
लिस्टिंग से पहले ब्रोकरेज फर्म Emkay Global और JM Financial ने शेयर पर ‘Add’ रेटिंग दी थी, साथ ही ₹360 का टारगेट प्राइस तय किया था, जो मौजूदा स्तरों से बेहद सीमित बढ़त की ओर संकेत करता है. IPO को 6 से 8 अक्टूबर के बीच 1.95 गुना सब्सक्रिप्शन मिला. इनमें QIB कैटेगरी 3.42 गुना, NII कैटेगरी 1.98 गुना और रिटेल कैटेगरी 1.10 गुना भरी गई.
₹310-₹326 के प्राइस बैंड पर आए इस ₹15,512 करोड़ के इश्यू से कंपनी की वैल्यूएशन ₹1.38 लाख करोड़ आंकी गई. इश्यू में 21 करोड़ नए शेयर और 26.58 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल के तहत शामिल थे. जुटाई गई पूंजी का इस्तेमाल कंपनी अपने Tier-1 कैपिटल बेस को मजबूत करने और भविष्य में लोन वितरण को बढ़ाने के लिए करेगी.
2007 में स्थापित टाटा कैपिटल, टाटा समूह के समर्थन से चलने वाली एक प्रमुख NBFC है, जिसका 80% कारोबार सिक्योर्ड लोन पर आधारित है. कंपनी 25 से अधिक लोन प्रोडक्ट्स देती है, जिनमें 61% रिटेल फाइनेंस, 26% SME और 13% कॉर्पोरेट लोन शामिल हैं. AAA/Stable क्रेडिट रेटिंग होने के कारण कंपनी को कम ब्याज दरों पर फंडिंग आसानी से मिलती है.
लोन के अलावा कंपनी बीमा, क्रेडिट कार्ड, वेल्थ मैनेजमेंट और प्राइवेट इक्विटी फंड मैनेजमेंट जैसी सेवाएं भी प्रदान करती है.
(डिस्क्लेमर: यह खबर केवल शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है. निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें.)