तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। जहां देशभर की नजरें पश्चिम बंगाल पर टिकी थीं, वहीं असली राजनीतिक सरप्राइज तमिलनाडु से सामने आया है। अभिनेता से नेता बने Vijay Thalapathy की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) शुरुआती रुझानों में जबरदस्त प्रदर्शन करती नजर आ रही है।
ताजा आंकड़ों के मुताबिक TVK करीब 80+ सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि Dravida Munnetra Kazhagam के नेतृत्व वाला गठबंधन लगभग 50 सीटों के आसपास सिमटता दिख रहा है।
किंगमेकर नहीं, सीधे सत्ता की ओर बढ़ते विजय
चुनाव से पहले तक विजय को ‘किंगमेकर’ के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन मौजूदा रुझानों ने तस्वीर बदल दी है। TVK का प्रदर्शन यह संकेत दे रहा है कि विजय अब सिर्फ समर्थन देने वाले नहीं, बल्कि खुद सत्ता के केंद्र में आ सकते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह नतीजे तमिलनाडु की पारंपरिक राजनीति—जो लंबे समय से DMK और AIADMK के बीच सीमित रही—उसे नया मोड़ दे सकते हैं।
कठिन सीटों से लड़ा चुनाव, दिखाया दम
Vijay Thalapathy ने इस चुनाव में आसान रास्ता नहीं चुना। उन्होंने चेन्नई की पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व जैसी चुनौतीपूर्ण सीटों से मैदान में उतरकर सीधे सत्तारूढ़ दल को टक्कर दी।
इन सीटों को लंबे समय से DMK का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है, लेकिन विजय ने इन्हीं इलाकों को अपने राजनीतिक प्रभाव की असली परीक्षा बनाया।
2024 में बनी पार्टी, 2026 में बड़ा असर
Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) की स्थापना 2 फरवरी 2024 को हुई थी। बेहद कम समय में पार्टी ने जमीनी स्तर पर पकड़ मजबूत की और इस बार राज्य की सभी 234 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ा।
पार्टी का मुख्यालय चेन्नई के पनयूर में है और इसका चुनाव चिन्ह ‘सीटी’ है।
क्या बदल जाएगी तमिलनाडु की राजनीति?
अगर रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो यह तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।
- पहली बार कोई नई पार्टी सीधे सत्ता की दौड़ में
- पारंपरिक दलों की पकड़ कमजोर होती दिख रही
- सिनेमा से राजनीति में आए नेता का बड़ा प्रभाव
तमिलनाडु में 2026 के चुनाव नतीजे सिर्फ सरकार तय नहीं करेंगे, बल्कि राज्य की राजनीति की दिशा भी बदल सकते हैं। Vijay Thalapathy और उनकी पार्टी TVK ने यह साबित कर दिया है कि जनता नए विकल्प को मौका देने के लिए तैयार है।