Trending News

टकसाल शूटआउट केस में अभय सिंह बरी, अब क्या हाईकोर्ट में नई कानूनी लड़ाई शुरू करेंगे धनंजय सिंह?

वाराणसी, 15 अप्रैल 2026 — 24 साल पुराने टकसाल शूटआउट केस में अभय सिंह समेत सभी आरोपियों के बरी होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या पूर्व सांसद धनंजय सिंह इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे? वाराणसी की विशेष MP-MLA कोर्ट के फैसले ने एक लंबे और हाई-प्रोफाइल केस का फिलहाल अंत जरूर कर दिया है, लेकिन सियासी गलियारों और पूर्वांचल की राजनीति में नई कानूनी लड़ाई की चर्चा तेज हो गई है।

विशेष न्यायाधीश यजुवेंद्र विक्रम सिंह की अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में अभय सिंह, विनीत सिंह समेत सभी 6 आरोपियों को बरी कर दिया। कोर्ट का कहना था कि अभियोजन पक्ष 24 साल में भी इतने मजबूत सबूत पेश नहीं कर पाया, जिनके आधार पर दोष सिद्ध किया जा सके। खासतौर पर अभय सिंह की अलिबाई पर उठे सवालों का भी ठोस जवाब नहीं दिया जा सका।

अब नजर धनंजय सिंह के अगले कदम पर

फैसले के बाद सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि क्या धनंजय सिंह अब इलाहाबाद हाईकोर्ट या किसी उच्च अदालत में अपील करेंगे? सूत्रों की मानें तो उनके करीबी इस फैसले का विस्तृत अध्ययन कर रहे हैं और कानूनी सलाह ली जा रही है। अगर हाईकोर्ट में अपील होती है, तो यह मामला एक बार फिर पूर्वांचल की सबसे चर्चित बाहुबली दुश्मनी को सुर्खियों में ला सकता है।

राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह सिर्फ एक आपराधिक केस नहीं, बल्कि पूर्वांचल की पुरानी सत्ता संघर्ष और वर्चस्व की लड़ाई का प्रतीक रहा है। ऐसे में धनंजय सिंह के अगले कदम पर न सिर्फ कानूनी, बल्कि राजनीतिक नजरें भी टिकी हुई हैं।

क्या था टकसाल शूटआउट केस?

यह मामला 4 अक्टूबर 2002 का है, जब वाराणसी के नदेसर स्थित टकसाल सिनेमा के पास धनंजय सिंह के काफिले पर AK-47 जैसे हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग हुई थी। इस हमले में धनंजय सिंह, उनके गनर और ड्राइवर घायल हुए थे। धनंजय ने अपने पुराने सहयोगी रहे अभय सिंह और उनके करीबियों को मुख्य आरोपी बनाया था।

छात्र राजनीति से शुरू हुई दोस्ती बाद में ठेके, सत्ता और क्षेत्रीय दबदबे की लड़ाई में दुश्मनी में बदल गई। यही वजह है कि यह केस हमेशा सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि बाहुबली राजनीति की कहानी के तौर पर देखा गया।

फैसले के बाद सियासी चर्चा तेज

अभय सिंह पक्ष इस फैसले को 24 साल बाद मिली बड़ी राहत और न्याय बता रहा है। वहीं दूसरी ओर अब सबकी नजर धनंजय सिंह की प्रतिक्रिया और संभावित हाईकोर्ट अपील पर है। अगर वे नई कानूनी लड़ाई शुरू करते हैं, तो यह मामला फिर से पूर्वांचल की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है।

news desk

Recent Posts

खुशखबरी के बाद पहली बार लाइमलाइट में आए दीपिका-रणवीर, बप्पा का आशीर्वाद लेने पहुंचे सिद्धिविनायक मंदिर!

गणेश चतुर्थी के पावन पर्व और जीवन के सबसे खूबसूरत पड़ाव पर, बॉलीवुड के पावर…

8 hours ago

Pakistan Blast: कोहाट में नमाज के दौरान जोरदार धमाका, 15 की मौत; 25 घायल अस्पताल पहुंचे

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट में शुक्रवार की नमाज के दौरान बड़ा धमाका…

10 hours ago

ग्रीन पार्क में यूपीसीए अंपायर्स परीक्षा का अंतिम चरण संपन्न: पूर्व इंटरनेशनल अंपायर अनिल चौधरी ने परखा कौशल, जल्द जारी होंगे परिणाम

उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) द्वारा कानपुर के ऐतिहासिक ग्रीन पार्क स्टेडियम में आयोजित अंपायर्स…

10 hours ago

TMC Name Symbol Row: TMC की पहचान पर अंतरिम रोक, ममता गुट को फुटबॉल खिलाड़ी तो ऋतब्रत खेमे को मिला लिफाफा

तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर चल रही लड़ाई में चुनाव आयोग…

11 hours ago