अगले हफ्ते शुरू होने वाले टी-20 विश्व कप को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में खेलने से इंकार कर दिया।
आईसीसी ने वेन्यू बदलने की मांग को खारिज कर दिया, लेकिन बांग्लादेश अपनी अड़ियल रुख पर कायम रहा। इसके बाद आईसीसी ने कड़ा कदम उठाते हुए बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया और उनकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया।
पाकिस्तान भी विवाद में शामिल हो गया है और उसने भारत के खिलाफ मैच खेलने से इंकार कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तानी सरकार को टूर्नामेंट में खेलने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन उसने भारत के साथ मुकाबले का बहिष्कार करने का निर्देश दिया है।
इस फैसले पर BCCI का रिएक्शन सामने आया है। BCCI के वाइस प्रेसिडेंट राजीव शुक्ला ने कहा, “ICC ने स्पोर्ट्समैनशिप पर जोर दिया है और हम उनसे पूरी तरह सहमत हैं। जब तक ICC से कोई बातचीत नहीं होती, BCCI इस पर कोई कमेंट नहीं करेगा।”
वही ICC ने कहा है कि वह पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) से आधिकारिक और लिखित संवाद का इंतजार कर रही है. हालांकि, किसी वैश्विक खेल आयोजन में इस तरह की चुनिंदा भागीदारी उस मूल भावना के विपरीत है, जिसके तहत सभी योग्य टीमें तय कार्यक्रम के अनुसार समान शर्तों पर मुकाबला करती हैं। आईसीसी ने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को इससे होने वाले दूरगामी परिणामों को ध्यान में रखना चाहिए।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने इस फैसले के पीछे पाकिस्तानी सरकार के निर्देश का हवाला दिया है। पाकिस्तान के इस कदम के बाद आईसीसी ने अपने बयान में गंभीर नतीजों की चेतावनी दी है। माना जा रहा है कि अगर PCB अपने फैसले पर कायम रहती है, तो आईसीसी उस पर भारी जुर्माना लगा सकती है।