सांप्रदायिक तनाव को हवा देने और “गोरिल्ला युद्ध” जैसी भाषा के इस्तेमाल को लेकर तेलंगाना के विधायक टी. राजा सिंह एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे कथित तौर पर एक गुप्त बैठक के दौरान देश में मुसलमानों के ख़िलाफ़ “गोरिल्ला युद्ध” जैसी रणनीति पर चर्चा करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, यह वीडियो कब का है और इसे किस स्थान पर रिकॉर्ड किया गया, इसकी आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हो पाई है।
वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चिंता का माहौल है। कई संगठनों और बुद्धिजीवियों का कहना है कि इस तरह की भाषा और कथित चर्चाएं समाज में पहले से मौजूद तनाव को और गहरा कर सकती हैं। इसी क्रम में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों की भी कड़ी निंदा की गई है। वक्ताओं का साफ कहना है कि किसी भी देश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा, उत्पीड़न और डर का माहौल लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवाधिकारों के खिलाफ है और इसकी बिना शर्त निंदा होनी चाहिए।
गौरतलब है कि टी. राजा सिंह पहले भी विवादों में रह चुके हैं। अगस्त 2022 में पैग़ंबर मोहम्मद पर दिए गए एक विवादित बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था। उस मामले में उन्हें करीब दो महीने जेल में भी रहना पड़ा था। आरोप यह भी लगते रहे हैं कि कोर्ट की हिदायतों के बावजूद वे देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर भड़काऊ और नफ़रत भरे भाषण देते रहे हैं, जिनमें कई बार अपशब्दों का इस्तेमाल भी किया गया।
वायरल वीडियो के बाद एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं कि क्या ऐसे बयानों और गतिविधियों पर समय रहते सख़्त कार्रवाई की जाएगी। जानकारों का मानना है कि यदि इस तरह के मामलों पर कानून के दायरे में कड़ा कदम नहीं उठाया गया, तो इससे समाज में विभाजन और अस्थिरता बढ़ सकती है। फिलहाल, सभी की निगाहें प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।