पुलिस की गिरफ्त में आए स्वामी चेतान्यानंद उर्फ पार्थ सारथी के कारनामों का खुलासा अब तेजी से हो रहा है. पूछताछ में भले ही बाबा टालमटोल कर रहा हो, लेकिन उसके मोबाइल फोन से रिकवर की गई व्हाट्सऐप चैट्स ने वह सच सामने ला दिया है जिसे वह छिपाने की कोशिश कर रहा था. पुलिस सूत्र बताते हैं कि वह खुद को आध्यात्मिक गुरु बताकर महिलाओं को झांसा देता था, लेकिन उसका असली धंधा इससे कहीं ज्यादा खतरनाक और संगठित था.
दुबई कनेक्शन और सेक्स सप्लाई रैकेट का पर्दाफाश
जांच के दौरान एक चैट सामने आई जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया. इसमें बाबा ने लिखा— “दुबई का एक शेख सेक्स पार्टनर चाहता है, क्या तुम्हारी कोई अच्छी दोस्त है?” इस एक मैसेज ने साफ कर दिया कि बाबा सिर्फ स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि खाड़ी देशों तक फैले सेक्स नेटवर्क से जुड़ा था.
उसके फोन से पुलिस को कई महिलाओं के साथ लंबी चैट हिस्ट्री मिली है. बातचीत में वह लड़कियों को बेबी, डॉल, डॉटर, स्वीटी जैसे संबोधनों से पुकारता था और धार्मिक भाषा का सहारा लेकर भावनात्मक रूप से अपने अनुयायियों को फंसाता था. एक चैट में वह एक युवती से पूछता है—
“बेबी, ड्यूटी पूरी हुई?”
लड़की जवाब देती है—
“सर, शिफ्ट पर जा रही हूं.”
इसके बाद बाबा लिखता है—
“गुड इवनिंग, मेरी सबसे प्यारी बेबी डॉल बेटी.”
युवती ने जवाब दिया, “सर, यहां तो दोपहर है. हैप्पी आफ्टरनून. आपने कुछ खाया?”
हनीट्रैप, झांसा और विदेशी नंबरों से ऑपरेशन
चौंकाने वाली जानकारी यह भी है कि बाबा कई लड़कियों को अल्मोड़ा सहित अन्य शहरों में भेज चुका था. एक केस में उसने एक युवती को पैसे देकर कहा कि वह किसी युवक के साथ नज़दीकी तस्वीरें खिंचवाकर उसे भेजे—यानी उसे हनीट्रैप में फंसाने की साज़िश की जा रही थी.
फरार रहने के दौरान वह लंदन के एक व्हाट्सऐप नंबर का इस्तेमाल करता रहा. यहीं से वह युवतियों से बातचीत करता था. कई चैट्स डिलीट थीं, लेकिन रिकवरी के दौरान पुलिस के हाथ ऐसे संवाद लगे जो उसके इरादों की पोल खोलते हैं. एक लड़की को वह लगातार मैसेज करता रहा—
“बेबी, आई लव यू…”
लड़की के ब्लॉक करने के बाद भी वह नए नंबरों से संपर्क साधने की कोशिश करता रहा.
पुलिस के हाथ नए सबूत
जांच एजेंसियां अब चैट्स, कॉल डिटेल्स और उसके नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं. महिलाओं की सप्लाई से लेकर विदेशी संपर्कों तक, हर पहलू की छानबीन की जा रही है. पुलिस का मानना है कि यह सिर्फ ‘आस्थाओं के दुरुपयोग’ का मामला नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय एक बड़े गिरोह का हिस्सा हो सकता है.
जैसे-जैसे रिकवरी आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे बाबा का ‘धार्मिक चोला’ उतरता जा रहा है और उसके काले धंधे की गंदगी सामने आ रही है.