चेन्नई/नई दिल्ली। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद सरकार गठन को लेकर राजनीतिक गतिरोध गहरा गया है। राज्य में ‘तमिलगा वेट्टी कड़गम’ (TVK) के सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बावजूद राज्यपाल द्वारा सरकार बनाने का न्योता न दिए जाने पर कानूनी विशेषज्ञों ने सवाल उठाए हैं।
इस मामले पर देश के दिग्गज वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। सिब्बल ने कहा कि संवैधानिक परंपराओं के अनुसार सबसे बड़ी पार्टी के नेता को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जानी चाहिए और उन्हें सदन में बहुमत साबित करने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने राज्यपालों पर निशाना साधते हुए कहा कि “संविधान का दुरुपयोग राजनीतिक हितों के लिए नहीं होना चाहिए।”
सिब्बल ने कहा कि विजय सबसे बड़ी पार्टी के नेता है, इसलिए उन्हें सरकार बनाने के लिए बुलाओ।” उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाओ. उन्हें सदन में अपना बहुमत साबित करने दो।”
चुनाव के बाद बहुमत में कोई गठबंधन नहीं होता है।” इसको लेकर उन्होंने सरकारिया आयोग और स्थापित कानून का भी जिक्र किया है।” कपिल सिब्बल ने कहा कि कौन सुनता है।”
तमिलनाडु की सियासत में आज एक नया इतिहास लिखा गया। अपनी पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) की शानदार जीत के बाद सुपरस्टार विजय ने राजभवन जाकर सरकार बनाने का दावा पेश किया।
हालांकि, उनके मुख्यमंत्री बनने की राह जितनी आसान दिख रही थी, आंकड़ों के खेल ने उसे उतना ही पेचीदा बना दिया है। राज्यपाल आर.एन. आर्लेकर ने स्पष्ट किया है कि शपथ से पहले 118 विधायकों का ‘मैजिक नंबर’ दिखाना अनिवार्य होगा।
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